Sagar- गौरझामर में कार्रवाई के खिलाफ दुकानदारों का विरोध, निष्पक्ष जांच की मांग
सागर जिले के देवरी विधानसभा के गौरझामर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कार्रवाई से प्रभावित छोटे दुकानदारों ने ग्राम पंचायत पर पक्षपातपूर्ण और द्वेषपूर्ण कार्रवाई के आरोप लगाए हैं। शनिवार को दुकानदारों ने पुलिस थाना गौरझामर पहुंचकर कलेक्टर सागर के नाम ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
ज्ञापन देने पहुंचे दुकानदारों का कहना है कि वे गौरझामर के मेन मार्केट और इतवारा बाजार में छोटी-छोटी दुकानें लगाकर रोजाना की कमाई से अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दुकानदारों के मुताबिक ग्राम पंचायत द्वारा अतिक्रमण हटाने के नाम पर उनकी दुकानों के प्रांगण और छप्पर हटा दिए गए। उनका आरोप है कि कार्रवाई से पहले उन्हें कोई लिखित सूचना या नोटिस नहीं दिया गया।
प्रभावित दुकानदारों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई पूरे बाजार में समान रूप से नहीं की गई, बल्कि चुनिंदा दुकानदारों को ही निशाना बनाया गया। ज्ञापन में प्रहलाद सेन और अखिलेश पिता राजकुमार जैन के बीच न्यायालय में विचाराधीन निजी भूमि विवाद का भी उल्लेख किया गया है। प्रहलाद सेन का आरोप है कि पहले उनका नाम बीपीएल सूची से हटाया गया, इसके बाद रोजी-रोटी से जुड़े प्रांगण पर कार्रवाई की गई और अब निजी मकान भी गिरा दिया गया। दुकानदारों ने इतवारा बाजार में निजी भूमि पर संचालित किराना दुकान के छप्पर को हटाने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि कार्रवाई रोकने की मांग के बावजूद छप्पर हटा दिया गया। इससे छोटे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान हुआ और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
प्रभावित दुकानदारों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और अतिक्रमण दल के जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग रखी गई है। दुकानदारों ने कार्रवाई से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई जिम्मेदार लोगों के वेतन से काटकर कराने की मांग भी ज्ञापन में की है। गौरझामर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब विवाद का विषय बन गई है। प्रभावित दुकानदारों ने अपने आरोपों के साथ कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।