गणेश चतुर्थी की खुशियां मातम में बदली, एक साथ चार सगे भाई कुएं में समा गए, पूरे इलाके में छाया सन्नाटा
गणेश चतुर्थी के मौके पर लोग उत्साहित थे, बाप्पा के आगमन की तैयारियां की जा रही थी। दूसरी तरफ एक दर्दनाक घटना ने सभी को झखझोर कर रख दिया। कुएं में डूबने से एक साथ चार सगे भाइयों की जान चली गयी। जिससे पूरे इलाके में मातम पसर गया। सभी भाई दस साल के कम उम्र के बताये जा रहे हैं। दिल दहला देने वाला ये हादसा अशोकनगर जिले के चंदेरी थाना क्षेत्र विक्रमपुर गांव से सामने आया है। जहां कुछ पल में ही एक हंसता-खेलता हुआ परिवार उजड़ गया। ऐसी जानकारी है की एक दूसरे को बचाने के प्रयास में बच्चे कुएं में डूब गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी।
बताया जा रहा है की बलवीर कुशवाहा के परिवार में जहां कुछ समय पहले तक ख़ुशी थी। कुछ पल बाद ही वहां सन्नाटा छा गया। इस घटना से हर कोई स्तब्ध है। एक साथ घर के चारों चिराग हमेशा के लिए बुझ गए। जहां नन्हें हाथों को गणपति महाराज का दरबार सजाना था। वहां एक साथ 4 मासूम भाइयों की अर्थियां उठ गईं। बप्पा के आगमन के इस पावन पर्व पर, मासूमों की किलकारियों की जगह पूरा गांव माता-पिता की करुण पुकार से गूंज उठा।
जानकारी के मुताबिक स्कूल की छुट्टी होने से चारों मासूम 9 साल का देव, 7 साल का त्रिवेद, 6 साल का महादेव और 4 साल का प्रियांश सुबह खेत तरफ गए हुए थे। उनका पहले से यहां एक घर और था वो अपनी दादी के साथ अक्सर यहां आया करते थे। घटना के समय पिता मजदूरी पर गए थे, मां मायके में थी। दोपहर में जब बच्चों की दादी और अन्य परिजन उनकी तलाश करते हुए पहुंचे, तो चारों मासूमों की डेड बॉडी कुएं से उतराती मिली। सूचना मिलने पर तहसीलदार दिलीप दरोगा और थाना प्रभारी प्रशांत यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं प्रशासन ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता राशि देने की बात कही है।--