एमपी के मुरैना के मिल एरिया रोड स्थित कृष्णा अस्पताल में अधेड़ की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। मृतक के परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के गेट के सामने शव रखकर सड़क पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के दौरान परिजन डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। जानकारी के मुताबिक जारौनी नूराबाद निवासी 52 वर्षीय रामदीन पुत्र देवीराम कुशवाह को उसकी 16 वर्षीय बेटी किरण बुखार की शिकायत के बाद कृष्णा अस्पताल लेकर पहुंची थी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर केके गुप्ता ने रामदीन को एक टैबलेट खाने के लिए दी। टैबलेट लेने के कुछ ही देर बाद रामदीन कथित तौर पर अचेत हो गया।
परिजनों के मुताबिक इसके बाद डॉक्टर ने रामदीन को ई-रिक्शा से जिला अस्पताल भेज दिया। बेटी किरण का आरोप है कि अस्पताल की फीस की पर्ची और अन्य कागजात भी उनसे वापस ले लिए गए। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने रामदीन को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद गुस्साए परिजन ट्रैक्टर-ट्रॉली में शव लेकर वापस कृष्णा अस्पताल पहुंचे।
अस्पताल पहुंचकर परिजनों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को सड़क पर आड़ा लगाकर जाम कर दिया और शव अस्पताल के गेट पर रखकर कार्रवाई की मांग करने लगे। हंगामे की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। अस्पताल का गेट अंदर से बंद होने पर पुलिस ने गेट खुलवाया और अस्पताल के अंदर जाकर डॉक्टर से बातचीत की।
डॉक्टर की ओर से पुलिस को बताया गया कि रामदीन का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था और वह अस्पताल में करीब 15 मिनट ही रहा। हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल भेजा गया था। वहीं परिजन डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग करते रहे। करीब दो घंटे बाद पुलिस ने शव को एंबुलेंस से पीएम हाउस भेजने की कोशिश की, जिसका परिजनों ने विरोध किया। पुलिस के मुताबिक स्थिति नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाया गया और सड़क खाली कराई गई। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही रामदीन की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।