ऋषि पंचमी पर अमरकंटक में उमड़ा आस्था का सैलाब, महाराष्ट्र से पहुंचीं हजारों महिलाएं | SAGAR TV NEWS
एमपी के अनूपपुर के पवित्र तीर्थस्थल अमरकंटक में ऋषि पंचमी के अवसर पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों से हजारों श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे और पुण्य सलिला मां नर्मदा के रामघाट पर स्नान, ध्यान, जप और पूजन किया। सुबह करीब 5 बजे से ही नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। अनुमान के मुताबिक इस वर्ष करीब 14 से 15 हजार श्रद्धालुओं के अमरकंटक पहुंचने की बात सामने आई है। नागपुर, कामठी, भंडारा, अमरावती, नासिक, पुणे और बारामती समेत महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों से महिलाएं और श्रद्धालु सैकड़ों वाहनों से अमरकंटक पहुंचे। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं महिलाओं ने रामघाट पर मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाई और इसके बाद तट पर ही सामूहिक धार्मिक अनुष्ठान शुरू किए।
ऋषि पंचमी के विधान के तहत महिलाओं ने नर्मदा तट की मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग तैयार किए। इसके साथ ही पत्तियों, फूल, बेलपत्र, घास-फूस और अनाज जैसी प्रकृति प्रदत्त सामग्रियों से भगवान गणेश की प्रतिमाएं भी बनाई गईं। इसके बाद महिलाओं ने भगवान शिव और गणपति बप्पा का विधि-विधान से पूजन किया और आरती उतारी। सामूहिक पूजन और मंत्रोच्चार से पूरा रामघाट भक्तिमय नजर आया। नर्मदा की कल-कल करती धारा के बीच भजन, वैदिक मंत्रोच्चार और आरती की गूंज सुनाई देती रही। महिलाओं ने स्नान, ध्यान और जप के साथ आत्मशुद्धि और ऋषि परंपरा के प्रति कृतज्ञता का भाव प्रकट किया।
हिंदू धर्म परंपरा में भाद्रपद शुक्ल पंचमी को मनाई जाने वाली ऋषि पंचमी का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व सप्तऋषियों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और आत्मशुद्धि की भावना से जुड़ा है। अमरकंटक नर्मदा नदी का उद्गम क्षेत्र और प्राचीन तपोभूमि होने के कारण यहां इस पर्व का महत्व और बढ़ जाता है। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र से श्रद्धालुओं के अमरकंटक आने की यह परंपरा पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार जारी है। हर साल अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में महिलाएं और भक्त यहां नर्मदा स्नान और भगवान शिव-गणेश के पूजन के लिए पहुंचते हैं। ऋषि पंचमी पर अमरकंटक में उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ ने पूरे तीर्थ क्षेत्र को धार्मिक उत्सव में बदल दिया। नर्मदा तट पर आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम देखने को मिला।