सागर- शराब मामले में कांग्रेस का घेराव! पुलिस से धक्का-मुक्की, वाटर कैनन चला | SAGAR TV NEWS |
सागर के बंडा और शाहगढ़ में हुए जहरीली शराबकांड को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है। मंगलवार को युवा कांग्रेस ने सागर में जोरदार प्रदर्शन किया। कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कालीचरण चौराहे पर बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर बहसबाजी और धक्का-मुक्की हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और बाद में कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। तस्वीरें सागर के सिविल लाइन चौराहे की हैं, जहां मंगलवार को युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जुटे। बंडा और शाहगढ़ में हुए जहरीली शराबकांड के विरोध में आयोजित प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया भी शामिल हुए। कार्यकर्ता यहां से रैली के रूप में कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने के लिए रवाना हुए।
रैली कालीचरण चौराहे पर पहुंची तो पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रास्ता रोक दिया। कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बहसबाजी शुरू हो गई। प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद कार्यकर्ता पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी शुरू कर दी और उन्हें पुलिस वाहनों से सिविल लाइन थाने ले जाया गया। गिरफ्तारी की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता थाने पहुंच गए। उन्होंने थाने के सामने धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के चोटिल होने की बात भी सामने आई है।
यश घनघोरिया ने कहा कि बंडा और शाहगढ़ में जहरीली शराब से हुई मौतों का मामला बेहद दुखद है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सरकार केवल दिखावे की कार्रवाई न करे। युवा कांग्रेस ने मामले की जांच हाईकोर्ट की स्पेशल कमेटी से कराने, शराबकांड के दोषियों पर हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और 48 घंटे के भीतर शराब तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही प्रदेश अध्यक्ष ने डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग भी उठाई। यानी बंडा शराबकांड अब सिर्फ जांच और कार्रवाई का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि इसे लेकर सियासी टकराव भी तेज होता नजर आ रहा है। अब देखना होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या कदम उठाती है।