सागर- गढ़ाकोटा में अनूठा अष्टविनायक धाम, एक मंदिर में गणेश के आठ स्वरूप
सागर जिले के गढ़ाकोटा की पहचान अब ऐतिहासिक सुनार नदी और खूबसूरत पीपलघाट के साथ एक अनूठे धार्मिक स्थल के रूप में भी होने लगी है। सुनार नदी के किनारे स्थित पीपलघाट गणेश मंदिर में भगवान गणेश के अष्टविनायक के आठ स्वरूप एक ही परिसर में विराजमान हैं। गणेशोत्सव के दौरान यहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ दूर-दराज से भी लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
पीपलघाट गणेश मंदिर में मयूरेश्वर, सिद्धिविनायक, विघ्नहर्ता, गिरिजात्मज, चिंतामणि, बल्लाळेश्वर, वरदविनायक और महागणपति के स्वरूप स्थापित किए गए हैं। महाराष्ट्र के प्रसिद्ध अष्टविनायक मंदिरों की तर्ज पर एक ही स्थान पर भगवान गणेश के आठों स्वरूपों के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बने हुए हैं।
बताया जाता है कि यह मंदिर कभी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में था। पूर्व मंत्री एवं विधायक गोपाल भार्गव का इस मंदिर से किशोरावस्था से ही जुड़ाव रहा है। वे बचपन में सुनार नदी में स्नान करने के बाद मंदिर में भगवान गणेश को जल अर्पित कर प्रार्थना किया करते थे। समय के साथ मंदिर के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया गया और आज यही स्थान एक भव्य धार्मिक केंद्र का रूप ले चुका है। अष्टविनायक के आठों स्वरूपों को गढ़ाकोटा में स्थापित करने का विचार करीब दो वर्ष पहले सामने आया। इसके पीछे उद्देश्य यह था कि श्रद्धालुओं को महाराष्ट्र के अलग-अलग अष्टविनायक तीर्थों की यात्रा किए बिना एक ही स्थान पर आठों स्वरूपों के दर्शन का अवसर मिल सके।
इन प्रतिमाओं का निर्माण विशेष शिलाओं से जयपुर में करीब आठ महीने में कराया गया। इसके बाद काशी के प्रसिद्ध विद्वान पद्मश्री आचार्य गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ के निर्देशन में आठ दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान संपन्न कराया गया। गणेशोत्सव के चलते पीपलघाट गणेश मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। गणेश संस्कृत विद्यालय के बटुक ब्राह्मणों द्वारा प्रतिदिन विशेष पूजन, आरती और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। शाम होते ही भजन-कीर्तन से पूरा घाट भक्तिमय हो जाता है। सुनार नदी का शांत किनारा, प्राचीन पीपलघाट और एक ही परिसर में अष्टविनायक के आठ स्वरूप... गढ़ाकोटा का यह अनूठा संगम श्रद्धालुओं के लिए नया आकर्षण बन रहा है। आने वाले समय में यह स्थान गढ़ाकोटा की प्रमुख धार्मिक पहचान के रूप में और विकसित हो सकता है।