सागर में 1.25 लाख दीपों से जगमग होगी लाखा बंजारा झील | SAGAR TV NEWS |
सागर शहर एक बार फिर भव्य दीपोत्सव का गवाह बनने जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। लाखा बंजारा झील के घाटों पर एक लाख 25 हजार से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। दीपों की रोशनी के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, गंगा आरती और झील के बीच आकर्षक आतिशबाजी आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगी। जिला प्रशासन और नगर निगम ने कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी हैं। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के तहत सागर में इस भव्य आयोजन का शुभारंभ किया जा रहा है। चकराघाट और लाखा बंजारा झील सहित शहर के प्रमुख स्थानों को सजाया जा रहा है।
निगमायुक्त सह कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ सागर स्मार्ट सिटी राजकुमार खत्री ने चकराघाट सहित विभिन्न कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के तहत लाखा बंजारा झील के घाटों पर विशेष क्रम में एक लाख 25 हजार से ज्यादा दीप सजाए जाएंगे। आटे से बनाए गए दीपक झील की लहरों पर तैरते हुए इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाएंगे। घाटों को आकर्षक रंगोलियों से सजाया जाएगा।
झील के मंदिरों, घाटों, एलिवेटेड कॉरिडोर, शहर के प्रमुख चौराहों-तिराहों और शासकीय भवनों पर आकर्षक लाइटिंग की जा रही है। संजय ड्राइव रोड के नवीन घाट पर भी दीपमाला सजाई जाएगी। आयोजन की शुरुआत के पहले दोपहर करीब 2 बजे से झील किनारे दीप सजाने का काम शुरू होगा और शाम 6 बजे दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इसके बाद पूरा चकराघाट और लाखा बंजारा झील क्षेत्र दीपों की रोशनी से जगमगा उठेगा। कार्यक्रम में पावन गंगा आरती, झील के बीच भव्य आतिशबाजी, भारतीय संगीत के विशेष कलाकारों की प्रस्तुति और स्थानीय लोक कलाकारों के सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा शहर के प्रत्येक वार्ड में भी दीपोत्सव और दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने नागरिकों से सहपरिवार कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक एक दीप जलाकर सागर को रोशन करे और स्वच्छता, सामाजिक सहभागिता तथा देशहित का संकल्प ले। अब इंतजार 17 सितंबर की शाम का है, जब लाखा बंजारा झील के घाट हजारों नहीं, बल्कि एक लाख 25 हजार से ज्यादा दीपों की रोशनी से जगमगाएंगे और सागर एक भव्य सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक उत्सव का साक्षी बनेगा।