सागर- भूमि विवाद में न्याय नहीं मिला तो कलेक्टर जनसुनवाई पहुंचे ग्रामीण
सागर में भूमि विवाद को लेकर न्याय नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए देवरी तहसील के मड़वा गांव के ग्रामीण कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे। मंगलवार को ग्रामीणों ने सागर कलेक्टर कार्यालय में आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और जल्द निराकरण की मांग की। आवेदकों का आरोप है कि देवरी तहसील में राजस्व अधिकारियों के समक्ष कई बार शिकायत और आवेदन देने के बावजूद उनकी भूमि संबंधी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी वजह से उन्हें सागर पहुंचकर अपनी फरियाद रखनी पड़ी। मामला देवरी तहसील की ग्राम पंचायत धुलतरा के मड़वा गांव का है। ग्रामीणों के मुताबिक उनकी भूमि को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों द्वारा शासकीय और निजी भूमि पर कथित रूप से अतिक्रमण किया गया है।
ग्रामीणों ने अपने आवेदन में संबंधित खसरा नंबर, भूमि के रकबे और कथित कब्जे से जुड़े बिंदुओं का उल्लेख करते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। आवेदकों का आरोप है कि भूमि विवाद को लेकर देवरी के राजस्व न्यायालय और संबंधित अधिकारियों के समक्ष कई बार शिकायत की गई। ग्रामीणों ने एक न्यायालयीन आदेश का हवाला देते हुए दावा किया कि आदेश के बावजूद संबंधित स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने मांग की है कि राजस्व अभिलेख, खसरा, भूमि के रकबे और न्यायालयीन आदेशों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।
आवेदन में ग्रामीणों ने पहले देवरी में आयोजित जनसुनवाई में शिकायत किए जाने का भी उल्लेख किया है। आवेदकों के अनुसार, 21 जुलाई 2026 को देवरी जनसुनवाई के दौरान कथित तौर पर गंभीर स्थिति बनी थी और कुछ आवेदकों द्वारा आत्मदाह का प्रयास किए जाने की बात आवेदन में कही गई है, जिसे पुलिस ने रोक दिया था। इसके बाद 28 जुलाई को भी सागर कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन देकर समस्या के समाधान की मांग किए जाने का उल्लेख है। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अब तक उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक भूमि स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में अवैध कब्जा या नियम विरुद्ध कार्रवाई सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। जनसुनवाई में अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायत सुनी और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। फिलहाल मड़वा गांव के ग्रामीणों को प्रशासन की जांच और कार्रवाई का इंतजार है। अब देखना होगा कि लंबे समय से चले आ रहे इस भूमि विवाद का समाधान कब तक हो पाता है।