नामांतरण के बदले 15 हजार की रिश्वत, तहसील का बाबू रंगे हाथ गिरफ्तार
एमपी के सगार संभाग के छतरपुर जिले के बक्सवाहा तहसील कार्यालय में लोकायुक्त पुलिस सागर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जमीन के नामांतरण के बदले रिश्वत मांगने वाले सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी को लोकायुक्त की टीम ने 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामला बक्सवाहा तहसील कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी राजन श्रीवास्तव से जुड़ा है। शिकायतकर्ता कृष्णकांत बिल्थरे के मुताबिक जमीन के नामांतरण के एवज में कर्मचारी ने 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। बातचीत के बाद कथित तौर पर सौदा 25 हजार रुपये में तय हुआ। शिकायत के अनुसार इसमें से 10 हजार रुपये पहले ही दिए जा चुके थे, जबकि बाकी 15 हजार रुपये बाद में देने थे।
रिश्वत की मांग से परेशान फरियादी ने लोकायुक्त पुलिस सागर से शिकायत की। शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। बुधवार को फरियादी तय रकम लेकर बक्सवाहा तहसील कार्यालय पहुंचा। जैसे ही उसने 15 हजार रुपये आरोपी कर्मचारी को दिए, पहले से तैयार लोकायुक्त टीम ने मौके पर दबिश देकर कर्मचारी को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद की। साथ ही नामांतरण से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की गई। अचानक हुई कार्रवाई के बाद तहसील परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और कई कर्मचारी इधर-उधर जाते नजर आए। लोकायुक्त टीम ने पूरी कार्रवाई नियमानुसार पूरी की।
इस ट्रैप कार्रवाई में टीआई मंजू तिर्की के नेतृत्व में रंजीत सिंह, हेड कांस्टेबल शफीक खान, अजय शास्त्री सहित आरक्षक गोल्डी, अरविंद, निलेश, विक्रम, संतोष, आदेश और प्रदीप शामिल रहे। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। नामांतरण के लिए रिश्वत मांगने की शिकायत पर हुई इस ट्रैप कार्रवाई ने बक्सवाहा तहसील कार्यालय में हड़कंप मचा दिया। अब मामले में आगे की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं में क्या सामने आता है।