Sagar- बंडा शराब मामले पर संगठन का बड़ा प्रदर्शन, CBI जांच की मांग
सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब कांड को लेकर एक बार फिर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। भगवती मानव कल्याण संगठन की बंडा शाखा ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन और शोक स्मरण पत्र सौंपा। संगठन ने शराबकांड में 40 से 42 लोगों की मौत का दावा करते हुए मामले की सीबीआई जांच, मृतकों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
संगठन के मुताबिक बंडा विधानसभा क्षेत्र के गांवों में कथित तौर पर अवैध शराब पहुंचाई गई, जिसके सेवन से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। संगठन का दावा है कि 150 से अधिक लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। संगठन ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया गया कि 16 सितंबर को बिना फोरेंसिक जांच के संबंधित शराब को पीने योग्य बताए जाने की बात सामने आई।
संगठन का कहना है कि इसके बावजूद उसके कार्यकर्ताओं द्वारा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों से संदिग्ध शराब की पेटियां पकड़वाकर आबकारी विभाग को सूचना दी गई। संगठन ने नौराज गांव का भी जिक्र किया, जहां चार मौतें होने का दावा किया गया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले में प्रशासनिक जांच जारी है। ज्ञापन में संगठन ने सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और वर्ष 2021 में मुरैना में हुई शराब से मौतों का हवाला दिया। संगठन ने मांग की है कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका की जांच हो, दोषी अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए और सागर कलेक्टर व एसपी को तत्काल हटाया जाए। साथ ही जिले की सभी लाइसेंसी शराब दुकानों को स्थायी रूप से बंद करने की मांग भी रखी गई है।
संगठन ने मृतक परिवारों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिजनों का एक साल तक निःशुल्क इलाज और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा पांच आईएएस अधिकारियों और पांच समाजसेवियों की टीम से जांच कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। संगठन ने चेतावनी दी है कि 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित परिवारों और आम लोगों के साथ चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। बंडा शराबकांड को लेकर संगठन के दावों और मांगों ने एक बार फिर मामले को चर्चा में ला दिया है। अब निगाहें प्रशासन की जांच और ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर हैं।