Sagar- जहरीली शराब में 36 परिवार उजड़ने से पहले ग्रामीणों ने प्रशासन को किया था आगाह
सागर जिले के बंडा जनपद पंचायत क्षेत्र में कथित जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार को लेकर उन्होंने करीब एक वर्ष पहले ही प्रशासन को आगाह किया था, लेकिन उनकी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र की करीब 25 ग्राम पंचायतों ने ग्राम सभा के माध्यम से शराबबंदी लागू करने का प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद सरपंचों और ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर गांवों में अवैध शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। ज्ञापन सौंपने वाली पंचायतों में हनौता सहावन, हनौता पटकुई, बरा, बिलौनी, नौराज, राख, बमाना, बिचपुरी बरखेरा, सलैया, रमपुरा और कुल्ल जमुनिया सहित अन्य पंचायतें शामिल बताई गई हैं। ग्राम सभाओं ने अवैध शराब बेचते पाए जाने पर अर्थदंड लगाने का निर्णय भी लिया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होने का गंभीर खामियाजा अब कई परिवारों को भुगतना पड़ा है। क्षेत्र में 36 से अधिक मौतों का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों ने अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल प्रभावी रोक लगाने की मांग की है।