सागर- लोगों के बीच पहुंचे डॉक्टरों ने बताया सीपीआर क्यों और कितना ज़रूरी, बच सकती है किसी की ज़िंदगी
कोई ऐसा शख्स जो अचानक से बदहवास हो जाए, शरीर काम करना बंद कर दे हृदय गति रुक जाए तो ऐसी स्थिति में उसे सीपीआर कैसे देना है और सीपीआर क्यों ज़रूरी है इसको लेकर सागर आईएमए लगातार लोगों के बीच पहुंचकर उन्हें इसके बारे में जानकारी दे रहा है। इसी तरह सागर के सिटी स्टेडियम में पहुंचकर आईएमए के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद और उनकी टीम ने गरबा करने वाले प्रतिभागियों को सीपीआर के बारे में जरूरी जानकारी दी। इसका महत्व बताया और समझाया गया। खुद प्रतिभागियों ने सीपीआर को लेकर प्रेक्टिकल भी किया। इस दौरान इस बात पर ज़ोर दिया गया की सीपीआर से किसी की ज़िंदगी भी बचाई जा सकती है।
दरअसल सागर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थेसियोलॉजी (आईएसए) के संयुक्त तत्वावधान में सिटी स्टेडियम में मैनिकिन आधारित मेगा सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) की वास्तविक तकनीक का व्यवहारिक प्रदर्शन कराया गया। साथ ही खुद मैनिकिन पर अभ्यास भी कराया गया।
इसका उद्देश्य लोगों को यह समझाना था की कार्डियक अरेस्ट जैसी आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचने से पहले मिलने वाली शुरुआती मदद बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। सही समय पर सीपीआर शुरू करने से मरीज के महत्वपूर्ण अंगों, विशेष तौर पर मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक डॉ. अजय सिंह ने सीपीआर की पूरी प्रक्रिया का मैनिकिन पर प्रदर्शन किया। उन्होंने छाती पर दबाव देने की सही तकनीक, उसकी गति और स्थिति के बारे में जानकारी दी। वहीं आईएमए के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने कहा की अचानक कार्डियक अरेस्ट कभी भी और कहीं भी हो सकता है। ऐसे समय में मरीज के आसपास मौजूद व्यक्ति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। सही समय पर सीपीआर देने से मरीज के बचने की संभावना बढ़ जाती है।
इस दौरान कई डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की भूमिका रही। वहीं सिंहस्थ गरबा महोत्सव से लकी सराफ और उनकी टीम का विशेष सहयोग रहा।-