थाने में हजारों की भीड़ ने की तोड़ फोड़, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, FIR दर्ज
प्रदर्शन के दौरान हालात उस वक्त बिगड़ गए, जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी रैली के रूप में थाने पहुंच गए। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और भीड़ थाने के परिसर में पहुंच गई। पुलिस के मुताबिक इस दौरान पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। घटना में 6 से 7 पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। दरअसल, पूरा विवाद 21 अगस्त को एमपी के बालाघाट के किरनापुर पोस्ट ऑफिस में हुई चोरी के संदेह से जुड़ा बताया जा रहा है।
पुलिस ने पूछताछ के लिए टिमकीटोला गांव निवासी एक चौधरी दंपती को थाने बुलाया था। समाज की ओर से आरोप लगाया गया कि पूछताछ के दौरान दंपती के साथ मारपीट की गई। यह भी आरोप लगाया गया कि महिला सावित्री बाई उस समय गर्भवती थीं। मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक थाना प्रभारी, उप निरीक्षक दामेंद्र तुरकर, दो आरक्षकों और महिला आरक्षक मेघा टेकाम को निलंबित किया गया था। पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT भी गठित की गई। इसके बावजूद मरार समाज की नाराजगी खत्म नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि कथित मारपीट के जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने के साथ उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
इसी मांग को लेकर 15 सितंबर को बड़ी संख्या में लोग रैली निकालकर किरनापुर थाने पहुंचे। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई और कुछ लोग थाने के अंदर तक पहुंच गए। इसके बाद परिसर में तोड़फोड़ हुई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पुलिस के अनुसार घायल कर्मियों में कुछ को अस्पताल और ICU में भर्ती कराया गया है।
घटना के बाद पुलिस अब CCTV फुटेज और सामने आए वीडियो के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। रैली के आयोजकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और संबंधित धाराओं में FIR की कार्रवाई की जा रही है। एसपी आदित्य मिश्रा ने कहा है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस एक तरफ चौधरी दंपती से जुड़े कथित मारपीट के मामले की SIT जांच कर रही है, तो दूसरी तरफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ की जांच जारी है। किरनापुर की घटना में अब पुलिस के सामने दोहरी चुनौती है—एक ओर दंपती से कथित मारपीट के आरोपों की जांच, तो दूसरी ओर थाने में हुई तोड़फोड़ और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है।