ड्राइवरों की मनमनी जारी, 5 सीटर ऑटो में 18 बच्चे, SP की समझाइश के बाद भी लापरवाही !
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की समझाइश के बावजूद यातायात नियमों की अनदेखी का वीडियो सामने आया है। अमलाई थाना क्षेत्र से गुजरने वाले NH-43 पर एक ऑटो में क्षमता से कई गुना ज्यादा स्कूली बच्चों को बैठाकर ले जाते हुए देखा गया। दावा है कि करीब 5 सीटर ऑटो में 18 से ज्यादा बच्चे सवार थे। वीडियो सामने आने के बाद बच्चों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
दरअसल, एमपी के शहडोल पुलिस की ओर से स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। कुछ समय पहले एसपी ने ऑटो चालकों की बैठक लेकर यातायात नियमों का पालन करने और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की हिदायत दी थी। लेकिन इसके कुछ समय बाद ही सामने आए इस वीडियो ने इन निर्देशों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो में एक ऑटो के अंदर बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि वाहन में 18 से ज्यादा बच्चों को बैठाकर ले जाया जा रहा था। बच्चों की संख्या इतनी ज्यादा दिखाई दे रही है कि कई बच्चे ठीक से बैठ भी नहीं पा रहे हैं। कुछ बच्चे वाहन के अंदर दबे हुए तो कुछ दरवाजे के पास खड़े या लटके नजर आ रहे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि बच्चों से भरा यह ऑटो NH-43 जैसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर दौड़ता दिखाई दे रहा है। इस मार्ग पर भारी वाहनों के साथ तेज रफ्तार यातायात भी रहता है। ऐसे में अचानक ब्रेक, वाहन के अनियंत्रित होने या टक्कर की स्थिति में बच्चों के लिए सुरक्षित तरीके से संभलना मुश्किल हो सकता है।
अब सवाल उठ रहा है कि एसपी की समझाइश के बाद भी ऐसी लापरवाही कैसे जारी है? क्या केवल समझाइश पर्याप्त है या नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई और नियमित निगरानी की भी जरूरत है? स्कूली बच्चों को ले जाने वाले ऑटो की क्षमता, दस्तावेज और सुरक्षा मानकों की जांच जरूरी है। साथ ही स्कूल समय में प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता भी सामने आई है। एक वायरल वीडियो ने शहडोल में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि सामने आए वीडियो के आधार पर यातायात पुलिस और प्रशासन क्या कार्रवाई करते हैं और ओवरलोड ऑटो पर लगाम लगाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।