MP में EOW का बड़ा छापा, सहकारी समिति प्रबंधक के ठिकानों से करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
एमपी के बालाघाट में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी EOW ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। लांजी की मनेरी सहकारी समिति के प्रभारी प्रबंधक विलास चौरे के ठिकानों पर तड़के दबिश दी गई। शुरुआती जांच में EOW ने उनकी वैध आय की तुलना में करीब 400 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने की जानकारी दी है। छापेमारी के दौरान करीब 2 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के 14 वाहन, जमीन और मकान से जुड़े दस्तावेज और बैंक खातों की जानकारी सामने आई है। EOW जबलपुर की टीम ने DSP मनजीत सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की। जांच एजेंसी के मुताबिक, विलास चौरे की भर्ती वर्ष 2014 में संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में हुई थी। इसके बाद वह तरक्की करते हुए प्रभारी प्रबंधक के पद तक पहुंचा। EOW की प्रारंभिक गणना के अनुसार, सेवाकाल में उसकी अनुमानित वैध आय करीब 20 से 22 लाख रुपये है, जबकि जांच में सामने आई संपत्तियों का मूल्य करोड़ों में बताया जा रहा है।
छापेमारी में सबसे ज्यादा चर्चा 14 वाहनों की है। EOW के अनुसार, इनकी कुल कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक है। इनमें 5 लग्जरी बसें, 2 ट्रैक्टर, 4 चार पहिया वाहन और 3 मोटरसाइकिल शामिल हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, विलास चौरे अपनी पत्नी के नाम से ‘चौरे ट्रेवल्स’ संचालित करता है और इसकी बसें हैदराबाद तक चलती हैं। जांच के दौरान लांजी में करीब 10 लाख रुपये की जमीन खरीदकर लगभग 50 लाख रुपये का मकान बनाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। बिसौनी में जमीन से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। EOW अब इन संपत्तियों के वास्तविक मूल्य और उनके स्रोत की जांच कर रही है।
इसके अलावा पति-पत्नी के नाम से संचालित तीन व्यक्तिगत बैंक खातों और ट्रेवल्स एजेंसी के एक व्यावसायिक खाते को सील किए जाने की जानकारी है। बैंक लॉकर और अन्य वित्तीय दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं। EOW ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि, जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी। फिलहाल EOW की टीम वाहनों, बैंक खातों, लॉकर, जमीन और मकान से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच आगे बढ़ने पर आय और संपत्ति के बीच अंतर को लेकर और जानकारी सामने आने की संभावना है।