सागर-बंडा शराब मामले के बाद पुलिस एक्शन मोड में, गांव-गांव चौपाल लगाकर समझाइश | SAGAR TV NEWS |
सागर जिले में बंडा जहरीली शराब कांड के बाद पुलिस और प्रशासन लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहा है। एसपी अनुराग सुजानिया के नेतृत्व में पुलिस अब सिर्फ अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं कर रही, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक भी कर रही है। इसी कड़ी में राहतगढ़ थाना पुलिस ने चंदनहारी और बटयावदा गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों को अवैध शराब के खिलाफ जागरूक किया। सागर जिले के राहतगढ़ थाना प्रभारी मुकेश सिंह ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम गांवों में पहुंची। यहां ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर अवैध शराब के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया कि गांव में कहीं भी अवैध शराब की बिक्री या पिलाने की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।
पुलिस ने लोगों को यह भी बताया कि अवैध शराब का असर सिर्फ व्यक्ति के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा असर पूरे परिवार पर पड़ सकता है। ग्रामीणों को शराब के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार को रोकने में आम लोगों की भागीदारी को जरूरी बताया। जागरूकता अभियान के दौरान गांवों में कोटवार के माध्यम से डोंडी भी पिटवाई गई, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीणों तक पुलिस का संदेश पहुंच सके। पुलिस ने बताया कि एसपी अनुराग सुजानिया के निर्देश पर सूचना देने के लिए एक नंबर जारी किया गया है। यदि उस नंबर पर संपर्क नहीं हो पाता है, तो ग्रामीण थाना प्रभारी या संबंधित बीट प्रभारी को भी सीधे सूचना दे सकते हैं।
पुलिस ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि अवैध शराब से जुड़ी सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। चंदनहारी गांव में एसआई नरवद सिंह ठाकुर और प्रधान आरक्षक मणिशंकर मिश्रा ने ग्रामीणों को जागरूक किया, जबकि बटयावदा में प्रधान आरक्षक सुजीत चौरसिया ने लोगों को समझाइश दी। पुलिस की ओर से अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान भी जारी रखने की बात कही गई है। बंडा शराबकांड के बाद सागर जिले में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की रणनीति अब कार्रवाई के साथ जागरूकता पर भी केंद्रित है। राहतगढ़ के गांवों में हुई चौपाल इसी अभियान का हिस्सा है। पुलिस का संदेश साफ है—अवैध शराब दिखे तो चुप न रहें, तत्काल सूचना दें।