बुलेट का पटाखा बंद ! यातायात पुलिस ने 11 मॉडिफाइड साइलेंसर निकलवाए
शहर की सड़कों पर मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर बुलेट की तेज और अनावश्यक आवाज निकालने वालों पर अब यातायात पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस के इस अभियान से मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मचा हुआ है। अभियान के दौरान यातायात पुलिस ने 11 बुलेट मोटरसाइकिलों से मॉडिफाइड साइलेंसर निकलवाए।
दरअसल, एमपी के उमरिया शहर में कई दोपहिया वाहन चालक अपनी बुलेट मोटरसाइकिलों में कंपनी के निर्धारित साइलेंसर की जगह मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर सड़कों पर तेज आवाज करते नजर आते हैं। अचानक होने वाली तेज आवाज से राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, सड़क पर अचानक तेज धमाके जैसी आवाज होने से लोग भ्रमित और असहज भी हो सकते हैं।
इसी को देखते हुए यातायात पुलिस ने ऐसे वाहनों की जांच के लिए अभियान शुरू किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मॉडिफाइड साइलेंसर लगी बुलेट मोटरसाइकिलों को रोककर उनकी जांच की। जांच में ऐसे 11 बुलेट वाहन मिले, जिनमें मॉडिफाइड साइलेंसर लगे हुए थे। पुलिस ने मौके पर ही इन साइलेंसरों को निकलवाया और वाहन चालकों को समझाइश दी। पुलिस ने वाहन चालकों से कहा कि वे मोटरसाइकिलों में कंपनी द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही साइलेंसर का इस्तेमाल करें और अनावश्यक तेज आवाज से लोगों को परेशानी में न डालें। साथ ही दोबारा मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत भी दी गई।
यातायात पुलिस के मुताबिक, वाहनों में अनधिकृत बदलाव कर तेज आवाज पैदा करने वाले मामलों में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। अभियान के दौरान निकाले गए मॉडिफाइड साइलेंसरों को नियमानुसार नष्ट करने की प्रक्रिया की जाएगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अलोक शर्मा ने बताया कि अभियान का उद्देश्य शहर में अनावश्यक शोर पर नियंत्रण रखने के साथ यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल न करें और जिम्मेदार वाहन चालक बनकर यातायात नियमों का पालन करें।