सागर- जहरीली शराब मामले के बाद आंखों पर असर, 70-80 मरीजों की रोशनी प्रभावित, 6-7 हफ्तों में सुधार की उम्मीद
सागर जिले के बंडा में सामने आए जहरीली शराब कांड का असर अब मरीजों की आंखों पर भी दिखाई दे रहा है। शराब में मौजूद मिथाइल एल्कोहल के विषैले प्रभाव के चलते करीब 70 से 80 मरीजों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। मामले के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार मरीजों की सेहत की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। दरअसल, बंडा क्षेत्र में कथित जहरीली शराब के सेवन के बाद बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए थे। इलाज के दौरान कई मरीजों ने आंखों की रोशनी कम होने या दिखाई देने में परेशानी की शिकायत की। प्रशासन के मुताबिक, प्रभावित मरीजों में टॉक्सिक इंड्यूस्ड ऑप्टिक से जुड़ी समस्या देखी जा रही है, जो मिथाइल एल्कोहल के विषैले प्रभाव से संबंधित हो सकती है।
मरीजों की आंखों की रोशनी प्रभावित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी सलाह ली है। सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल के मुताबिक, मामले में एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों से मरीजों के उपचार और उनकी आंखों की स्थिति को लेकर चिकित्सकीय मार्गदर्शन लिया गया है। विशेषज्ञों से मिली सलाह के अनुसार, प्रभावित मरीजों की आंखों की रोशनी में अगले 6 से 7 सप्ताह के दौरान सुधार की संभावना बताई गई है। हालांकि, हर मरीज की स्थिति अलग होने के कारण डॉक्टरों की निगरानी में उपचार और स्वास्थ्य परीक्षण लगातार जारी है।
वहीं, जहरीली शराब के सेवन के बाद बीमार हुए अधिकांश मरीजों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। वर्तमान में 5 मरीज अस्पताल में भर्ती बताए जा रहे हैं, जिनका डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इस पूरे मामले में प्रशासन के अनुसार अब तक 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में आंखों की रोशनी प्रभावित होने की नई समस्या ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर मरीजों की निगरानी और उपचार जारी है।