सागर- फूल बंगले में होंगे श्री राधारानी के दिव्य दर्शन, राधाष्टमी की धूम, भव्य संकीर्तन शोभायात्रा
सागर शहर के रविशंकर वार्ड स्थित श्री श्री गौर गोविंद मंदिर में श्री राधाष्टमी महा-महोत्सव को लेकर श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना हुआ है। 15 से 21 सितंबर तक आयोजित हो रहे इस महोत्सव में गोपीगीत पर प्रवचन, हरिनाम संकीर्तन, श्री राधारानी के दिव्य प्राकट्य महोत्सव और भव्य नगर संकीर्तन शोभायात्रा सहित कई धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। मंदिर समिति की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 1960 से श्री राधाष्टमी महोत्सव की परंपरा लगातार निभाई जा रही है। इस वर्ष भी श्री भील गुरुदेव ‘बिरही जी’ महाराज की कृपा से विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 15 से 17 सितंबर तक शाम 4 बजे से 6:30 बजे तक श्री पं. रसिक बिहारी दास भागवताचार्य द्वारा गोपीगीत पर विशेष प्रवचन किए जा रहे हैं।
18 सितंबर को ललिता जयंती के अवसर पर हरिनाम संकीर्तन होगा। इसके बाद 19 सितंबर को महोत्सव का मुख्य आयोजन श्री राधारानी के दिव्य प्राकट्य महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। सुबह 5:30 बजे प्रभात फेरी निकलेगी, जबकि सुबह 7 से 8:30 बजे तक श्री राधारानी का अभिषेक होगा। संतों द्वारा प्रेमभक्ति चंद्रिका पाठ किया जाएगा। दोपहर 12 बजे फूलों से सुसज्जित भव्य फूल बंगले में श्रीजी के दिव्य दर्शन होंगे। इसके बाद वृंदावन से पधारे संतों के आध्यात्मिक प्रवचन होंगे।
वहीं, दोपहर 2 बजे मंदिर परिसर से भव्य नगर संकीर्तन शोभायात्रा निकाली जाएगी। यात्रा बड़ा बाजार, गौर मूर्ति, कटरा और विजय टॉकीज रोड होते हुए राहतगढ़ बस स्टैंड पहुंचेगी और वापस मंदिर परिसर में इसका समापन होगा। शोभायात्रा में सीताराम-लक्ष्मण-निषादराज संवाद, श्रीकृष्ण शेषनाग लीला, दामोदर लीला और श्रीगोवर्धन जी की झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आंध्र प्रदेश का कुचिपुड़ी नृत्य भी विशेष प्रस्तुति के रूप में शामिल होगा। शोभायात्रा के बाद रात्रि 8 बजे तक महाप्रसाद वितरण किया जाएगा। 20 और 21 सितंबर को शाम 4 से 6:30 बजे तक वृंदावन से पधारे 108 श्री श्री रामानंद प्रभु जी के सत्संग और आध्यात्मिक प्रवचन होंगे। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से परिवार सहित महोत्सव में शामिल होने की अपील की है।