कल्पना मिश्रा को न्याय की मांग पर 15 दिन के आमरण अनशन के बाद पुलिस ने पिता को उठाया
बेटी कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर पिछले 15 दिनों से आमरण अनशन कर रहे पिता राम शिरोमणि मिश्रा को बुधवार को पुलिस और प्रशासन की टीम धरनास्थल से उठाकर अस्पताल ले गई। सिरमौर चौराहे पर चल रहे धरने से उन्हें हटाने के बाद जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। पुलिस-प्रशासन की ओर से कार्रवाई के पीछे उनकी बिगड़ती तबीयत को वजह बताया गया है। घटना की पुष्टि स्थानीय रिपोर्टों में भी हुई है। दरअसल, एमपी के रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में कथित लापरवाही के आरोप लगाए थे। 26 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराई गई कल्पना और उनके गर्भस्थ शिशु की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मामले के बाद परिजनों ने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्रवाई भी हुई। दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई, जबकि मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई। अस्पताल के अधीक्षक को भी पद से हटाया गया। हालांकि, कल्पना के पिता राम शिरोमणि मिश्रा इन कार्रवाइयों से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू किया था। उनके आंदोलन को कांग्रेस और विभिन्न सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिला।
बुधवार को पुलिस और प्रशासन की टीम सिरमौर चौराहे पर पहुंची। पिता को धरनास्थल से हटाकर अस्पताल पहुंचाया गया। उनके साथ मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों को भी वहां से हटाया गया और धरनास्थल पर लगाया गया टेंट भी हटा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद मामले ने फिर तूल पकड़ लिया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि कल्पना मिश्रा के परिजनों की FIR और अन्य मांगों पर प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।