लेह-लद्दाख ड्यूटी पर लौट रहे ITBP जवान नीरज शर्मा की दिल्ली में मौ त, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई
एमपी के शिवपुरी जिले के भौंती कस्बे में शुक्रवार को माहौल गमगीन हो गया। भारत माता के जयकारों और देशभक्ति नारों के बीच आईटीबीपी के 40 वर्षीय जवान नीरज शर्मा को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। ड्यूटी पर लौटते वक्त दिल्ली में उनकी तबीयत बिगड़ी थी, जिसके बाद उनका निधन हो गया।
आईटीबीपी दल जवान का पार्थिव शरीर लेकर भौंती पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। नीरज शर्मा पिछले करीब एक साल से लेह-लद्दाख में पदस्थ थे। 14 सितंबर को छुट्टी खत्म होने के बाद वे वापस ड्यूटी पर रवाना हुए थे। बताया गया कि उस समय उनकी तबीयत कुछ ठीक नहीं थी, लेकिन छुट्टी समाप्त होने के चलते वे ड्यूटी पर लौट गए।
लेह पहुंचने से पहले नीरज को दिल्ली स्थित आईटीबीपी मुख्यालय में आमद दर्ज करानी थी। उनके बुजुर्ग पिता सुदामा प्रसाद शर्मा भी बेटे को दिल्ली तक छोड़ने के लिए साथ गए थे। दिल्ली पहुंचने के बाद नीरज मुख्यालय में रुक गए, जबकि उनके पिता मथुरा दर्शन के लिए चले गए। 16 सितंबर को परिवार को दिल्ली आईटीबीपी मुख्यालय से नीरज की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली। खबर मिलते ही परिजन दिल्ली के लिए रवाना हुए और रास्ते में पिता को भी साथ लिया। लेकिन दिल्ली पहुंचने से पहले ही परिवार को नीरज के निधन की खबर मिल गई।
नीरज शर्मा ने वर्ष 2007 में आईटीबीपी में आरक्षक जीडी के पद पर भर्ती होकर सेवा शुरू की थी। करीब 19 वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने देश की सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारी निभाई। वे अपने पीछे पत्नी और 16 वर्षीय बेटी को छोड़ गए हैं। शुक्रवार को उनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए। भारत माता के जयकारों के बीच आईटीबीपी जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद उनके छोटे भाई प्रदीप शर्मा ने मुखाग्नि दी। पिता, पत्नी, बेटी और भाइयों समेत पूरा परिवार इस अंतिम विदाई के दौरान गहरे शोक में डूबा रहा। वहीं भौंती के लोगों ने भी देश की सेवा करने वाले अपने जवान को नम आंखों से अंतिम सलाम किया।