सागर में जारी बवाल के बीच पहुंचे दामोदर यादव, करणी सेना को रास्ते में रोका, गहराया विवाद !
सागर में आज़ाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव का 19 सितंबर को कार्यक्रम प्रस्तावित था। लेकिन इससे पहले ही जमकर बवाल मचा। एक तरफ उनके कार्यक्रम की अनुमति को लेकर हंगामा हुआ था। वहीं करणी सेना ने उनके सागर आने को लेकर भी विरोध जताते हुए यहां न आने देने की बात कही थी। इसी बीच जब भोपाल तरफ से करणी सेना के कार्यकर्ता सागर आने निकले तो उन्हें रास्ते में ही रोक लिया गया। बताया जा रहा है की प्रशासन द्वारा विदिशा जिले के ग्यारसपुर के पास करणी सेना के लोगों को रोका गया।
जिससे विवादित स्थिति बन गयी। कार्यकर्ताओं ने इस बात का विरोध किया जिससे माहौल गरमा गया। काफी देर तक मामला गहमागहमी का बना रहा। एक तरफ करणी सेना के कार्यकर्ता आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे वहीं दूसरी तरफ पुलिस और प्रशासन उन्हें रोके हुए था। इस दौरान सड़क पर जाम की स्थिति भी बन गयी थी। जिससे कई लोगों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ा।
बताया गया की करणी सेना के लोग सागर आ रहे थे। दामोदर यादव के आने को लेकर उन्होंने इस बात को लेकर विरोध जताया था साथ ही चुनौती भी दी थी। लेकिन स्थिति न बिगड़े इसको लेकर पूरा प्रशासनिक अमला पहले से ही तैयार था। मुस्तैदी से जुटा हुआ था। हालात न बिगड़ें इसको लेकर प्रसाशन ने पहले ही तैयारियां कर ली थी। दामोदर यादव के सागर के मोतीनगर स्थित कार्यक्रम में पहुंचे। वहीं करणी सेना के कार्यकर्ताओं को पुलिस और प्रशासन की टीम ने पहले ही रोक लिया। ताकि दोनों आमने-सामने न आएं और स्थिति न बिगड़े।
दरअसल दामोदर यादव का तीन सितंबर को सागर में कार्यक्रम प्रस्तावित था। लेकिन तब वह यहां नहीं पहुंच पाए थे। वहीं दामोदर यादव द्वारा सोशल मीडिया पर की गयी टिप्पणी और बयानों को लेकर करणी सेना ने आपत्ति जताई थी। साथ ही सनातन और संतों के अपमान का आरोप लगाते हुए सागर में प्रवेश न करने देने की बात कही थी।
तभी से जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए करणी सेना और दामोदर यादव में टकराव न हो इसीलिये पुलिस ने जिले की सीमा पर बैरिकेडिंग की थी। जिससे दोनों में टकराव नहीं हो पाया था। दामोदर यादव सागर नहीं पहुंच पाए थे। उन्होंने तमाम धमकियों और विरोध के बावजूद 19 सितंबर को काफिले के साथ सागर आने की बात कही थी। मोतीनगर क्षेत्र में उनका कार्यक्रम था। वहीं पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर था। जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था।