Sagar-राधाष्टमी की धूम, बधावा लूटने उमड़ीं महिलाएं, वृंदावन के भजनों पर जमकर झूमे श्रद्धालु
सागर के बड़ा बाजार स्थित श्रीदेव बांके राघव जी मंदिर में शनिवार को राधाष्टमी का 64वां वार्षिक महामहोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ धूमधाम से मनाया गया। राधारानी के प्राकट्य महोत्सव में सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। पूरा मंदिर परिसर राधारानी के जयकारों और भक्ति गीतों से गूंज उठा। राधारानी के प्राकट्य महोत्सव में सैकड़ों महिला श्रद्धालु विशेष रूप से शामिल हुईं। मंदिर में बधावा के दौरान पुजारी द्वारा खेल-खिलौने, श्रृंगार सामग्री और खाने-पीने की वस्तुएं श्रद्धालुओं के बीच लुटाई गईं। इन्हें राधारानी के आशीर्वाद और प्रसाद के रूप में माना जाता है। सामग्री पाने के लिए महिलाओं और श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला और इसे लेने की होड़ लग गई।
इससे पहले महोत्सव के तहत सुबह 11 बजे चकराघाट से श्री राधारानी का बधावा धूमधाम से मंदिर के लिए रवाना हुआ। बधावा यात्रा के मंदिर पहुंचने के बाद दोपहर 12 बजे पंचामृत और विभिन्न फलों के रस से राधारानी का भव्य महाभिषेक किया गया। इसके बाद महाआरती हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर राधारानी का आशीर्वाद लिया।
महाभिषेक और महाआरती के बाद वृंदावन से आई भजन मंडली ने बधाई भजनों और हरिनाम महा संकीर्तन की प्रस्तुति दी। भजनों की धुन पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते और नाचते नजर आए। मंदिर परिसर में चारों ओर राधे-राधे के जयकारे गूंजते रहे।
राधाष्टमी के अवसर पर बरसाना की परंपरा के अनुसार करीब 2 क्विंटल कढ़ी-चावल का महाप्रसाद भंडारा आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
राधाष्टमी के इस भव्य आयोजन में विधायक शैलेंद्र जैन अपनी पत्नी अनुश्री जैन के साथ श्रीदेव बांके राघव जी मंदिर पहुंचे। उन्होंने राधारानी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और महोत्सव में शामिल हुए। राधाष्टमी के अवसर पर मंदिर में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना, भजन-संकीर्तन और महाप्रसाद के माध्यम से राधारानी के प्राकट्य उत्सव को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया।
महोत्सव का आयोजन संस्थापक नित्यलीला प्रविष्ट वासुदेव शरण विरही महाराज के कृपा पात्र चक्रधर प्रसाद भक्ति शास्त्री महाराज के आशीर्वाद से किया गया।