सागर- बिजली विभाग अधिकारीयों की मनमानी, बिना सूचना कनेक्शन काटा, अब उपभोक्ता के हक़ में आया फैसला
सागर जिले के खुरई में स्थित बिजली कंपनी की गंभीर लापरवाही और मनमानी सामने आई है। जहां मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (MPERC) ने विद्युत उपभोक्ता के हक़ में चार साल बाद फैसला सुनाते हुए बड़ी कार्यवाई की है। साथ ही विद्युत लोकपाल ने शुभम कंप्यूटर का बिजली कनेक्शन तत्काल प्रभाव से बिना शर्त चालू करने का आदेश भी दिया है। इसके अलावा बिजली कंपनी पर 10 हजार रूपये का क्षतिपूर्ति हर्जाना और 2 हजार रूपये याचिका व्यय का आदेश दिया है। ये फैसला उस मामले में आया जहां 28 सितंबर 2022 को बिना पूर्व सूचना और समय से पहले ही बिजली कनेक्शन काट दिया गया था।
मामले में विद्युत लोकपाल, म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा फैसला सुनाया गया। ये पूरा मामला खुरई के समैया मार्केट स्थित ई-गवर्नेंस उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त ऑनलाइन केंद्र शुभम कंप्यूटर से जुड़ा है। जिसके संचालक राजकुमार साहू ने विद्युत वितरण कंपनी खुरई के अधिकारियों जिसमें कनिष्ट अभियंता कैलाश वेलदार और कार्यपालन अभियंता मोहन सुल्या द्वारा की गई अवैध वसूली, कूट-रचना और गैर-कानूनी विच्छेदन के खिलाफ अपील दायर की थी।
आरोप है की खुरई शहर के जेई कैलाश बेलदार और EE मोहन सुल्या के द्वारा कई कार्यवाहियां की गयी। जहां 11 हजार 592 रूपये की अवैध वसूली का पत्र बिना दिनांक के जारी किया गया। सितंबर 2022 के बिजली बिल की अंतिम बिल भरने की तारीख 07 अक्टूबर 2022 थी। लेकिन जेई बेलदार ने 28 सितंबर 2022 को बिना किसी 15 दिवसीय विधिक नोटिस के गैर‑कानूनी रूप से दुकान की बिजली काट दी। आरोप है की इस गलती को छिपाने उन्होंने विभागीय दस्तावेजों में कूट‑रचना कर फर्जी तिथि 10 अक्टूबर 2022 दर्ज कर दी। इसके बाद विभाग द्वारा विशेष न्यायालय (विद्युत अधिनियम) खुरई में धारा 135‑138 का फर्जी केस दर्ज कराया। जिसमें न्यायालय ने 15 दिसंबर 2025 को उपभोक्ता को दोषमुक्त कर दिया। बावजूद इसके विभाग ने कनेक्शन बहाल नहीं किया। इसके बाद 18 अप्रैल 2026 को स्थायी विच्छेदन का गैर‑कानूनी पत्र जारी कर दबाव बनाया। अब विद्युत लोकपाल ने कनेक्शन जोड़ने का आदेश दिया है। वह भी बिना किसी शुल्क के, जुलाई 2026 तक जारी 52,671 के बिलों और अन्य मांगों को भी निरस्त किया गया। गैर‑कानूनी रूप से कनेक्शन काटने पर वितरण कंपनी पर 10 हजार रूपये क्षतिपूर्ति हर्जाना साथ ही 2 हजार रूपये याचिका व्यय आरोपित किया। जो उपभोक्ता को दिया जाएगा।--