आग में झुलसे कर्मचारी ने दस दिनों तक किया संघर्ष,आखिर चल बसा, परिजनों ने सड़क पर किया हंगामा !
बीते कुछ दिनों पहले पेट्रोल पंप पर काम करने वाला कर्मचारी आग की चपेट में आ जाने से गंभीर झुलस गया था। करीब दस दिनों तक संघर्ष करने के बाद उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जिसके बाद सड़क पर डेड बॉडी रखकर चक्काजाम किया गया। इलाज में मदद न मिलने के अलावा प्रशासन और पंप संचालक की लापरवाही का आरोप लगाया। मामला ग्वालियर जिले के इंदरगंज थाना क्षेत्र का है। जाम के दौरान परिजन और अन्य लोग सड़क पर डेड बॉडी रखकर बैठे हुए थे जिससे जाम के हालात बन गए। करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश दी गयी। साथ ही कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब कहीं परिजन माने।
मृतक का नाम महबूब खान बताया जा रहा है जो शिंदे की छावनी पेट्रोल पंप का कर्मचारी था। बता दें की बीते 10 सितंबर को पेट्रोल पंप पर टैंकर खाली करते समय आग भड़क उठी थी। जहां महबूब इसकी चपेट में आने से झुलस गया था। जिसकी अब जान चली गयी। परिजनों ने पंप संचालक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था की उन्होंने कर्मचारी को अपने यहां का मानने से ही इंकार कर दिया था। उसकी जान जाने के बाद हंगामा हुआ। इस बात की सूचना पर इंदरगंज थाना प्रभारी दीप्ति तोमर और सीएसपी रोबिन जैन भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझाइश दी। साथ ही निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
वहीं घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही आम आदमी पार्टी के नेता समेत कांग्रेस के नेता भी मौके पर पहुंचे थे। जिन्होंने शोकाकुल परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की। साथ ही मौके से पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों से बात कर सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस महासचिव सुनील शर्मा ने पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजे की मांग उठाई। कहा की मृतक ही अपने पूरे परिवार का अकेला भरण-पोषण का सहारा था। इसलिए मदद बेहद जरूरी है।