भीड़ ने पुलिस थाने पर किया था पथराव, अब उपद्रवियों को ढूंढ रही पुलिस, पता बताने पर 10 हजार इनाम !
करीब हफ्ते भर पहले पुलिस थाने पर हिंसक पथराव की घटना सामने आई थी। अब इस मामले में पुलिस ने कमर कस ली है पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्यवाई करते हुए 90 लोगों को हिरासत में लिया था। जिनमें से 77 लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। जबकि 60 से ज्यादा लोगों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। एसपी आदित्य मिश्रा की माने तो बालाघाट जिले के किरनापुर थाने पर हुई पथराव की ये घटना अचानक नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। उन्होंने कहा की इसमें जो भी दोषी होगा उस पर ही कार्यवाई होगी।
बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा ने खुलासा करते हुए साफ़ किया की बीते 15 सितंबर को हुई इस घटना की विवेचना पूरी तरह निष्पक्ष होगी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केवल असल अपराधियों पर ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उनका दावा है की किरनापुर थाने पर हुआ हमला कोई अचानक उपजी घटना नहीं, बल्कि पहले से सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। क्योंकि घटना से पहले 14 और 15 तारीख को क्षेत्र के कई गांवों में भारी मात्रा में शराब की पेटियां पहुंचाई गई थीं।
आशंका है कि भीड़ को उकसाने और हिंसा भड़काने सुनियोजित तरीके से शराब बांटी गई थी। पुलिस उपद्रवियों और मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा ले रही है। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और संदिग्धों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है। पुलिस कुछ संदिग्धों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी बारीकी से जांच कर रही है।
पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने आम जान से अपील करते हुए 10 हजार नगद इनाम की घोषणा की। पत्थरबाजों का पता बताने पर इनाम मिलेगा वहीं पता और पहचान भी गुप्त रखी जाएगी। एसपी का कहना है की सरपंच समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुलाकात कर पुलिस का सहयोग करने की बात कही है।