Sagar- आसमान से बरसी आफत, खेतों में बर्बादी... टूट गई किसानों की सालभर की उम्मीद
सागर जिले में पिछले दो तीन में हुई बारिश से फसलों को भारी नुक्सान हो रहा है, खासकर रहली जैसे इलाके में मक्का की फसल सबसे अधिक प्रभावित हुई है, मूसलाधार - बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। लगातार हो रही अतिवृष्टि से पहले ही फसलें प्रभावित थीं, लेकिन शनिवार को हुई भीषण बारिश ने बची-खुची उम्मीदों पर भी पूरी तरह पानी फेर दिया। - खेतो में खड़ी-खड़ी सड़ जाने के - कारण उड़द की फसल पहले ही - पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी। सोयाबीन की फसल पहले से ही अफलन की समस्या से जूझ रही थी। शनिवार की बारिश ने इसे पूरी तरह बर्बाद कर दिया है।
किसानों को मक्का की फसल से सबसे ज्यादा उम्मीदें थीं, लेकिन तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते मक्का के पौधे खेतों में आड़े-तिरछे बिछ गए हैं, जिससे भारी नुकसान हुआ है। लागत और रात-दिन की मेहनत डूबने के बाद अन्नदाता बेहद निराश और चिंतित हैं। क्षेत्र के किसान अब राहत के लिए सरकार से आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं। किसानों के द्वारा फसल बीमा राशि दिलाने, बर्वाद फसलो के मुआवजा का उचित निर्धारण करने एवं आपदा सहायता राशि का त्वरित वितरण करने की मांग की जा रही है।
चांदपुर गांव में फसल नुकसान से दुखी किसान अमोल पटेल, नीलेश सेन, देवेंद्र कुमार जैन, संजू जैन, राजा जैन, विदेश सिंग ठाकुर, नरेंद्र कुमार, सानू जैन, मुकेश कुमार जैन, अशोक शिवनारायण तिवारी, बद्री कुर्मी, राजकुमार जैन तथा वीरेंद्र कुमार जैन ने प्रशासन से राहत की गुहार लगाई है। किसानों ने कहा कि अचानक हुई इस तबाही से वे पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द प्रभावित खेतों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा राशि स्वीकृत करने की मांग की है। इसको लेकर तहसीलदार राजेश पांडेय ने क्षेत्र का भ्रमण कर जायजा लिया है