सागर बंडा शराब मामले का दर्द बुंदेली गीत में गूंजा, राशन जैसी खुली कलारी ने मचाई हलचल
सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों का मामला अब सिर्फ खबरों और सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। बंडा शराब कांड का दर्द अब बुंदेली लोकगीत के जरिए भी सामने आ रहा है। एमपी के बुंदेलखंड के सागर संभाग के दमोह जिले के प्रसिद्ध लोकगायक जित्तू खरे बादल ने शराब और नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश देते हुए एक बुंदेली गीत जारी किया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों तक पहुंच रहा है। गीत का शीर्षक है—“कलयुग तेरी कला निराली, राशन जैसी खुली कलारी”। गीत में बंडा की घटना के दर्द और शराब के कारण प्रभावित परिवारों की पीड़ा को बुंदेली लोकभाषा में भावुक अंदाज में पेश किया गया है।
लोकगीत में शराब और नशे के कारण उजड़ते परिवारों का जिक्र किया गया है। गीत में उन माताओं और बहनों की पीड़ा को आवाज देने की कोशिश की गई है, जिन्होंने अपनों को खोया है। साथ ही अवैध शराब के कारोबार और नशे से पैदा होने वाली सामाजिक समस्याओं पर भी सवाल उठाए गए हैं। बताया जा रहा है कि जित्तू खरे बादल ने यह गीत अपने फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किया। सोशल मीडिया पर पोस्ट होने के बाद कुछ ही समय में गीत बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच गया। लोकगायक के अनुसार, फेसबुक पर गीत करीब 7 लाख 15 हजार लोगों तक पहुंच चुका है, जबकि एक दिन में इसकी पहुंच 10 लाख से अधिक होने का दावा भी सामने आया है।
इससे पहले एक स्टेज शो के दौरान भी बंडा शराब कांड का जिक्र बुंदेली लोकगीत के माध्यम से किया गया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना था। जित्तू खरे बादल के इस नए गीत का उद्देश्य किसी एक व्यक्ति या समूह को निशाना बनाना नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ सामाजिक जागरूकता फैलाना बताया गया है। गीत के अंत में लोकगायक लोगों से नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवन जीने की अपील करते हैं। बुंदेली भाषा और लोकसंगीत के जरिए सामने आया यह गीत अब बंडा शराब कांड की पीड़ा को एक अलग अंदाज में लोगों तक पहुंचा रहा है। घटना के बाद जहां पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई चर्चा में रही, वहीं अब लोकगीत के जरिए उठी नशे के खिलाफ आवाज भी सोशल मीडिया पर तेजी से सुनी जा रही है।