सिंधिया के कार्यक्रम में काले झंडे, विरोध के बाद समर्थक-प्रदर्शनकारी भिड़े; पुलिस ने संभाला मोर्चा
एमपी के ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम के दौरान सोमवार को जमकर हंगामा हो गया। बेला की बावड़ी स्थित कुशवाहा छात्रावास और सामुदायिक भवन के भूमिपूजन समारोह में सिंधिया के भाषण के दौरान कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाकर विरोध किया। इसके बाद विरोध कर रहे लोगों और सिंधिया समर्थक बताए जा रहे कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़ गया और धक्का-मुक्की के बाद मारपीट की स्थिति बन गई।
घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि जैसे ही सिंधिया ने मंच से संबोधन शुरू किया, कुछ युवाओं ने काले झंडे दिखाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध का कुछ लोगों ने जवाब दिया और प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
हंगामे के दौरान कार्यक्रम स्थल पर रखी कुछ कुर्सियां भी टूटने की जानकारी सामने आई है। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग किया और कुछ लोगों को थाने ले गई। हालांकि, कितने लोगों को हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
विरोध करने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर भाजपा सांसद भारत सिंह कुशवाह के समर्थक बताए जाने की चर्चा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जिस जमीन पर कुशवाहा समाज के छात्रावास और सामुदायिक भवन का निर्माण होना है, वहां समाज से जुड़े किसी जनप्रतिनिधि को कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बनाया जाना चाहिए था। इसी मुद्दे को लेकर सिंधिया को मुख्य अतिथि बनाए जाने का विरोध किए जाने की बात सामने आई है।
वहीं मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने घटना पर वीडियो जारी कर नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यक्रम में हुए विरोध को अनुचित बताया और कहा कि समाज को किसी के प्रभाव में आकर बांटना ठीक नहीं है। फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। घटना के पीछे के कारणों और विवाद में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है। ग्वालियर में हुए इस घटनाक्रम ने कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय राजनीतिक मतभेदों को लेकर चर्चा तेज कर दी है।