आंधी-तूफान ने मचाई तबाही, खेतों में बिछी मक्के की फसल; किसानों ने मांगा सर्वे और मुआवजा
मौसम ने एक बार फिर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। एमपी के छिंदवाड़ा जिले के शिकारपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेज बारिश के साथ आए आंधी-तूफान ने खेतों में खड़ी मक्के की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज हवाओं के कारण खेतों में लहलहाती फसल जमीन पर बिछ गई। अब किसानों को उत्पादन कम होने और आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों के मुताबिक, शिकारपुर क्षेत्र में कई खेतों में मक्के की फसल बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई है। किसानों का दावा है कि कुछ खेतों में करीब 70 से 80 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। वहीं किसान पप्पू मोहरे ने अपने क्षेत्र में करीब 80 से 90 प्रतिशत तक फसल नुकसान का अनुमान जताया है।
आंधी-तूफान के बाद खेतों की तस्वीर किसानों की परेशानी साफ बयां कर रही है। खड़ी मक्के की फसल तेज हवा का दबाव नहीं झेल सकी और जमीन पर गिर गई। किसानों का कहना है कि फसल गिरने से दाने की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित होने की आशंका है। फसल नुकसान से परेशान किसान अपनी समस्या लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मांग की है कि शिकारपुर और आसपास के प्रभावित गांवों में तत्काल फसल सर्वे कराया जाए, ताकि खेतों में हुए वास्तविक नुकसान का आकलन हो सके। किसानों का कहना है कि सर्वे के बाद नुकसान के आधार पर पात्र किसानों को नियमानुसार राहत और मुआवजा दिया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
वहीं किसानों ने यह भी कहा है कि यदि समय रहते फसल नुकसान का सर्वे नहीं कराया गया और राहत की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो वे आने वाले दिनों में धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। अब किसानों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। प्रभावित किसानों की मांग है कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर खेतों का सर्वे करें, वास्तविक नुकसान दर्ज करें और नियमों के तहत पात्र किसानों को राहत उपलब्ध कराएं।