Sagar- रजौआ में जलझूलनी एकादशी पर आस्था का सैलाब, ढोल-नगाड़ों और अखाड़ों के साथ शोभायात्रा
जलझूलनी एकादशी के पावन अवसर पर सागर जिले के ग्राम रजौआ में मंगलवार को भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। भगवान श्री श्री 1008 श्री देव लक्ष्मीनारायण की पारंपरिक शोभायात्रा धूमधाम के साथ निकाली गई। हर साल की तरह इस बार भी शोभायात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। शोभायात्रा की शुरुआत ग्राम रजौआ स्थित श्री देव लक्ष्मीनारायण मंदिर से हुई। भगवान की पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए आगे बढ़ी। जैसे-जैसे शोभायात्रा गांव की गलियों से गुजरी, श्रद्धालुओं की भीड़ भी इसमें शामिल होती गई।
शोभायात्रा में ढोल-नगाड़ों और अखाड़ों की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल अखाड़ों के कलाकारों ने अपने करतबों का प्रदर्शन किया, वहीं ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा गांव भक्तिमय नजर आया। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान श्री देव लक्ष्मीनारायण के जयकारे लगाते हुए नजर आए। गांव के वातावरण में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। आयोजन में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर पं. प्रभात कटारे ने भी ग्रामीणों और श्रद्धालुओं से जलझूलनी एकादशी की शोभायात्रा में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को एक साथ जोड़ने और हमारी पारंपरिक संस्कृति को आगे बढ़ाने का माध्यम हैं।
आयोजन को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत किया और भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। जलझूलनी एकादशी पर रजौआ में निकली यह शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि गांव की सामाजिक एकजुटता और वर्षों पुरानी परंपरा की झलक भी बनी। श्रद्धालुओं की बड़ी मौजूदगी ने पूरे आयोजन को भव्य रूप दे दिया।