डोल में निकली ठाकुरजी की शाही सवारी; नदी-जलाशयों में कराया जलबिहार | SAGAR TV NEWS |
डोल एकादशी के पावन पर्व पर मुरैना जिले में मंगलवार को आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। एमपी के मुरैना के पहाड़गढ़, रामपुर और बामसोली सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मंदिरों से भगवान श्रीकृष्ण, राधाकृष्ण और नारायण की प्रतिमाओं को आकर्षक श्रृंगार कर डोल में विराजमान किया गया। इसके बाद ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के बीच भगवान की भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं। पहाड़गढ़ में चार मंदिरों के डोले निकले। यहां भगवान राधाकृष्ण की प्रतिमाओं को आकर्षक ढंग से सजाकर डोल में विराजमान किया गया। चारों मंदिरों के डोले प्राचीन मंदिर बाजार में एकत्रित हुए, जहां से सामूहिक शोभायात्रा शुरू हुई। ढोल-नगाड़ों की धुन और भजनों के बीच श्रद्धालु भगवान के साथ चलते नजर आए। शोभायात्रा सोन नदी के पुल के पास पहुंची, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद भगवान को जलबिहार कराया गया।
रामपुर में भी भक्तिमय माहौल रहा। यहां छह मंदिरों से डोले निकाले गए। कल्याण राव मंदिर और किला स्थित राधाकृष्ण मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों के डोले पंचायत भवन के सामने एकत्रित हुए। इसके बाद पूरे बाजार का भ्रमण करते हुए भगवान की प्रतिमाओं को क्वारी नदी तक ले जाया गया। यहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की और भगवान के चरण पखारे। वहीं बामसोली में भी डोल एकादशी की धूम रही। मुरली मनोहर मंदिर, नरसिंह भगवान मंदिर, राम मंदिर और प्राचीन गोपालजी मंदिर से डोले निकाले गए। भजन-कीर्तन करते हुए श्रद्धालु शोभायात्रा में शामिल हुए और परंपरा के अनुसार भगवान का जलबिहार कराया गया।
जलबिहार और पूजा-अर्चना के बाद सभी डोलों को वापस संबंधित मंदिरों में लाया गया, जहां भगवान की प्रतिमाओं को विधि-विधान से पुनः विराजमान कराया गया।श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था की। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था, भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।