जिला अस्पताल के प्रसूता वार्ड में महिला के सर पर गिरी सीलिंग, वार्ड में मची अफरा-तफरी, महिला घायल
जिला अस्पताल से फिर एक बार बेहद लापरवाही सामने आई है। प्रसूता वार्ड में भरभराकर सीलिंग गिरने से दहशत फ़ैल गई। इस दौरान एक महिला का सिर फट गया। वह बुरी तरह घबरा गयी। जिस वक़्त ये घटना हुई उस समय प्रसूताएं और उनके परिजन सो रहे थे। हैरान करने वाला ये मामला मुरैना जिला अस्पताल से सामने आया। जहां रात करीब दो बजे उज्ज्वला बच्चा वार्ड के कमरा नंबर 34 में अचानक छत की सीलिंग नीचे गिर गई। इस दौरान एक महिला के सिर में चोट लगने से वह घायल हुई।
इस भवन की गुणवत्ता पर फिर से सवाल खड़े हुए हैं। हैरानी की बात तो ये है की महज चार साल में ही करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से बने पांच मंजिला अस्पताल भवन में पहले भी सीलिंग गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
जानकारी के मुताबिक पहले सीलिंग के कुछ हिस्से नीचे गिरे। इसके बाद उसका करीब आधा हिस्सा भरभराकर जमीन पर आ गिरा। सीलिंग के टुकड़े और लोहे की एंगल का हिस्सा 31 साल की रवीना के सिर पर जा गिरा। जिससे उसका सिर फट गया और काफी खून बहने लगा। वह अपनी भाभी का प्रसव कराने अस्पताल आई थी। जो उसी वार्ड में भर्ती थी।
हादसे के बाद वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। प्रसूताओं के परिजन उन्हें तत्काल बाहर निकालकर दूसरे कमरों में ले गए। वहीं जिन प्रसूताओं को दूसरे कमरों में पलंग नहीं मिले, उनके परिजन कमरा नंबर 34 से ही पलंग खींचकर दूसरी जगह ले गए। घायल रवीना के सिर में गहरी चोट थी। लगातार खून बह रहा था। बीपी की शिकायत होने पर उसने टांके नहीं लगवाए। उसकी मरहम-पट्टी की गई।
हालांकि ये कोई पहली घटना नहीं है इससे पहले भी सीलिंग गिरने की बात सामने आ चुकी है। सोचने वाली बात तो ये है की कई वार्डों में अभी भी सीलिंग के हिस्से लटके हुए हैं। बारिश के दौरान भवन की दीवारों और छतों से पानी रिसने की शिकायतें भी हैं। कई जगह दीवारों में दरारें आने की बात सामने आई है। समय रहते अगर खामियों को सुधारा नहीं गया तो बड़ी घटना भी घट सकती है।