Sagar - खेजरा में 105 करोड़ की लागत से बनेगा फ्लाई ओवर, 50000 लोगों को मिलेगा लाभ
सागर में बीना-कटनी रेलवे ट्रैक के बीच बसे खेजरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अब बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद जगी है। गिरवर और गणेशगंज रेलवे स्टेशनों के बीच खेजरा गांव के पास रेलवे लाइन के नीचे बनी छोटी पुलिया लंबे समय से ग्रामीणों की आवाजाही का एकमात्र रास्ता बनी हुई है। अब इसी समस्या के समाधान के लिए यहां 105 करोड़ रुपए की लागत से फ्लाईओवर बनाया जाएगा। परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है और इसे बजट में भी शामिल किया गया है।
फ्लाईओवर का निर्माण होने के बाद खेजरा सहित आसपास के करीब दो दर्जन गांवों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। इनमें कुछ गांव ऐसे भी हैं, जहां निजी वाहनों के अलावा आवागमन के दूसरे साधन बेहद सीमित हैं। रेलवे लाइन के नीचे बनी मौजूदा पुलिया से फिलहाल मुख्य रूप से दोपहिया और छोटे चारपहिया वाहन ही निकल पाते हैं। बड़े वाहनों, बसों और सार्वजनिक परिवहन के लिए यहां पर्याप्त रास्ता नहीं है।
फिलहाल खेजरा और आसपास के ग्रामीणों को नेशनल हाईवे तक पहुंचने के लिए सागर की ओर चक्कर लगाना पड़ता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस रास्ते से नेशनल हाईवे तक पहुंचने में करीब 36 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। फ्लाईओवर बनने के बाद यह दूरी घटकर करीब 26 किलोमीटर रह जाएगी।
नया मार्ग क्षेत्र को शाहपुर, रगोली, ढाना और मोकलपुर जैसे इलाकों से बेहतर तरीके से जोड़ेगा। इसके साथ ही ग्रामीणों को सागर-गढ़ाकोटा-जबलपुर स्टेट हाईवे, सागर-रहली-जबलपुर स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे-44 तक पहुंचने के वैकल्पिक रास्ते भी मिल सकेंगे।
इस परियोजना को ग्रामीण सिर्फ आवागमन की सुविधा के तौर पर नहीं देख रहे हैं। बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। परिवहन आसान होने से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिल सकती है और ग्रामीणों की शहरों तक पहुंच भी बेहतर होगी।
खास तौर पर अमावस्या और पूर्णिमा के अवसर पर बरमान घाट स्थित मां नर्मदा के तट पर स्नान के लिए जाने वाले ग्रामीणों के लिए भी नया मार्ग उपयोगी साबित हो सकता है। कम दूरी होने से समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
शाहपुर, चौका, खेजरा, मगरोन सहित आसपास के कई गांवों के लिए यह फ्लाईओवर सिर्फ एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी और क्षेत्र के विकास की नई संभावना के रूप में देखा जा रहा है