Sagar- शमसान जाने रास्ता नहीं, लोगों ने अर्थी रखकर किया चक्काजाम, मुक्तिधाम की जगह पर अतिक्रमण !
सागर जिले के खुरई क्षेत्र में एक वृद्ध महिला की जान जाने के बाद लोग उनके अंतिम संस्कार करने पहुंचे। लेकिन मुक्तिधाम तक रास्ता न मिलने से गुस्साए लोग सड़क पर बैठ गए और अर्थी को रखकर चक्काजाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक लोग जाम लगाए रहे। बताया गया की मुड़िया गांव में मुक्तिधाम तक जाने के लिए पक्का रास्ता नहीं है जिससे समस्याएं जाती हैं। इस दौरान जाम की वजह से स्कूल वाहन और एम्बुलेंस भी जाम में फंसी रही। मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम ने लोगों को समझाइश देकर जेसीबी की मदद से अस्थाई रास्ता खुलवाया। लेकिन लोग स्थायी समाधान की मांग पर अड़े हुए थे।
जानकारी के मुताबिक मुड़िया गांव में 90 साल की बुजुर्ग ललिता बाई अहिरवार की बीमारी के चलते जान चली गयी थी। परिजन अंतिम संस्कार करने शमशान ले जाना चाहते थे। लेकिन वहां तक पहुंचने का रास्ता न होने से परेशानी खड़ी हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि शमशान के लिए दर्ज करीब 2 से ढाई एकड़ जमीन के एक हिस्से पर अतिक्रमण है। परेशान ग्रामीण पार्थिव शरीर लेकर लेकर खुरई-रजवांस सड़क पर पहुंचे और अर्थी को रखकर चक्काजाम कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले जाम से सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। स्कूल की छुट्टी के समय वाहन और एक एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही।
सूचना पर शहरी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी और नायब तहसीलदार कमलेश सतनामी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाने के बाद जेसीबी से शमशान तक फिलहाल वैकल्पिक रास्ता बनाया गया। अधिकारियों ने जमीन का सीमांकन कराने और अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब ग्रामीणों ने जाम खत्म किया।
ग्रामीणों का कहना था की करीब 15 साल से शमशान तक रास्ते की समस्या बनी हुई है। बीते 5 सितंबर को भी बारिश के कारण एक बुजुर्ग की डेड बॉडी गांव के शमशान तक नहीं ले जा सके थे जिससे अंतिम संस्कार खुरई में करना पड़ा था। अब ग्रामीण स्थायी रास्ता और शमशान की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं।------