सागर-गणेश विसर्जन पर लहदरानाका घाट पर निगमायुक्त ने संभाला मोर्चा
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शुक्रवार को शहर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला श्रद्धा और उत्साह के साथ चला। सागर के प्रमुख विसर्जन स्थल लहदरानाका बड़ी नदी के घाट पर इस दौरान स्वच्छता, सुरक्षा और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। जिला कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर नगर निगम ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं। नगर निगम आयुक्त एवं सागर स्मार्ट सिटी के कार्यकारी निदेशक राजकुमार खत्री ने निगम अमले के साथ मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्वयं मोर्चा संभाला। घाट पर पुलिस बल, निगम कर्मचारी, एसडीईआरएफ टीम और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की गई थी।
बड़ी प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए हाइड्रोलिक मशीन और क्रेन जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं का उपयोग किया गया। घाटों पर बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित किया गया। वहीं भीड़ को नियंत्रित करने के साथ यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए गए। विसर्जन स्थल पर सेवा संकल्प अभियान और स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 के तहत श्रद्धालुओं को जागरूक किया गया। लगातार अनाउंसमेंट और पोस्टर-बैनर के जरिए लोगों से प्राकृतिक जलस्रोतों को स्वच्छ रखने की अपील की गई। श्रद्धालुओं ने गणेश प्रतिमाओं के साथ पूजन सामग्री, फूल-माला आदि के लिए अलग व्यवस्था का लाभ लिया।
नगर निगम के मुताबिक, एकत्रित फूल-माला और अन्य सामग्री से स्वसहायता समूहों के माध्यम से अगरबत्ती, गुलाल और धूपबत्ती जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य रीयूज, रिसाइकिल और रिड्यूज को बढ़ावा देना है। इसके अलावा शहर में वाहनों के माध्यम से भी गणेश प्रतिमाएं एकत्र कर संजय ड्राइव स्थित महलदार देवी मंदिर मार्ग पर बनाए गए कृत्रिम कुंड में विसर्जित की गईं।
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने निगम अमले, पुलिस और बचाव दल को सुरक्षा व स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि बड़ी नदी की गहराई बढ़ने के कारण छोटे बच्चों को घाट पर न लाएं और स्वयं भी सावधानी बरतें। कुल मिलाकर, सागर में गणेश विसर्जन के दौरान आस्था के साथ सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देखने को मिला।