ट्रेन के संपर्क में आया तेंदुआ फिर नहीं बच सका, वन विभाग में मचा हड़कंप, तीन महीने में दूसरा मामला
रेलवे लाइन के पुल पर एक तेंदुए की डेड बॉडी पड़ी हुई थी। ट्रेन से कटने के बाद उसकी जान गयी। जिससे वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। हैरानी की बात तो ये भी है की तीन महीने में एक दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले भी एक दुखद घटना हुई थी। मामला पन्ना जिले से सामने आया। जहां पन्ना रेलवे ट्रैक वन्यजीवों के लिए ख़तरा साबित हो रहा है। दक्षिण पन्ना वनमंडल के रैपुरा रेंज अंतर्गत रतनगांव रेलवे स्टेशन के पास एक भीषण हादसे में 10 महीने के नर तेंदुआ शावक की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक जान चली गई।
जंगल से निकलकर रेलवे ट्रैक पार करते समय यह नन्हा शावक तेज रफ्तार ट्रेन का शिकार बन गया। सूचना मिलते ही दक्षिण पन्ना डीएफओ अनुपम शर्मा के निर्देश पर रैपुरा रेंजर और वनकर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। किसी भी तरह की शिकार की आशंका को खारिज करने डॉग स्कवॉड से पूरे इलाके की सघन कॉम्बिंग कराई गई। जांच में शावक के सभी अंग और नाखून सुरक्षित पाए गए। जिससे शिकार की बात से इंकार किया गया। मौसम खराब होने से शावक का पोस्टमार्टम रैपुरा विश्रामगृह में डॉक्टरों की टीम ने किया। जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया।
यहां गौर करने वाली बात ये है की पिछले तीन महीनों में इस तरह का ये दूसरा मामला है। लगातार इस तरह से होने वाली घटनाओं ने वन विभाग की नींद उड़ा दी है। डीएफओ अनुपम शर्मा का कहना है की अब रेलवे ट्रैक के आसपास फेंसिंग लगाने, वन्यजीवों की पगडंडियों को बंद करने और कैमरे लगाकर ट्रैकिंग करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। वहीं ट्रेनों की रफ्तार को नियंत्रित करने जल्द ही रेलवे अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की जाएगी।