भारतमाला प्रोजेक्ट से बदलेगी सागर की सूरत,नए रिंग रोड से लखनऊ,भोपाल,इंदौर की सीधी कनेक्टिविटी
बुंदेलखंड में लाॅजिस्टिक हब और इंडस्ट्री को विकसित करने के उद्देश्य से संभागीय मुख्यालय सागर में रिंग रोड का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है. प्रदेश के चार महानगरों के साथ सागर शहर को भी केंद्र सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा ये सौगात दी गयी है. भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के साथ सागर में भी रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा. इस रिंग रोड के निर्माण से भोपाल और इंदौर का यातायात सुगम होगा. साथ ही नेशनल हाइवे के माध्यम से जबलपुर, नागपुर,कानपुर, भोपाल और इंदौर के लिए यातायात सुगम होगा
सागर शहर में एनएचएआई ने बेरखेडी से गढपहरा तक 28 किमी लंबा मार्ग निर्माण प्रक्रिया से गुजर रहा है. इस सडक के निर्माण से बीना-भोपाल- इंदौर का यातायात सुगम होगा. इसके अलावा सागर को दूसरे बड़े शहरों से नेशनल हाइवे के जरिए जोड़ने के लिए रिंगरोड बनाया जाना है. ये रिंग रोड भोपाल-सागर (एनएच-146), जबलपुर- लखनादौन (एनएच-44), सागर-कानपुर (एनएच-934 ) को जोड़ेगा.
दरअसल भारतमाला परियोजना सड़कों और राजमार्गों के विकास की नई परियोजना है. इस परियोजना के तहत देश के यातायात दबाव वाले राजमार्ग नेशनल कारीडोर के नाम से जाने जाते हैं. इसमें गोल्डन कारीडोर चार खंड उत्तर-दक्षिण और पूर्व पश्चिम कारीडोर के दो खंड और मुंबई कोलकाता कारीडोर शामिल हैं. भारतमाला परियोजना के तहत इन भारी दबाव वाले राष्ट्रीय राजमार्गों को अपग्रेड किया जाना है.
जिसके तहत 6-8 लेन रोड, रिंग रोड, बायपास और ऐलीवेटेड कारीडोर जैसी सड़कें बनाई जा रही है. इस परियोजना के तहत देश में 185 चैक प्वाइंट, 45 बाॅयपास और 30 रिंगरोड बनाया जाना है। जिनमें मध्यप्रदेश में इंदौर, जबलपुर और सागर और शिवपुरी शामिल थे, बाद में ग्वालियर और भोपाल को शामिल किया गया है.