Sagar tussle in BJP, councilors open front against mayor, complain to minister. sagar tv news |
सागर भाजपा में एक साल से दबे स्वर में चली आ रही आपसी कलह मंगलवार को खुलकर सामने आ गई। भाजपा के 25-30 पार्षद मंगलवार को भोपाल पहुंचे और विधायक शैलेंद्र जैन और मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की उपस्थिति में नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि पार्षदों ने नगर सरकार में चार-पांच महापौरों के कार्य करने के आरोप लगाए। महापौर के संबंध में ज्ञापन दिया। इसमें उन्होंने आरोप लगाए हैं कि एमआईसी की बैठक निरंतर नहीं बुलाई जाती।
यदि बैठक होती भी है तो महापौर प्रतिनिधि के रूप में उनके पति सुशील तिवारी और भतीजे रिशांक तिवारी भी मौजूद रहते हैं। यह नियम विरुद्ध है। बैठकों में उनकी उपस्थिति प्रतिबंधित की जाए। महापौर कक्ष का उपयोग अन्य व्यक्ति के द्वारा किया जाता है। महापौर की अनुपस्थिति में अन्य व्यक्तियों के प्रवेश एवं बैठकों पर तत्काल प्रतिबंध लगे। महापौर की अनुपस्थिति में महापौर का ऑफिस नहीं खोला जाए। देवेंद्र अहिरवार एवं नीरज कोरी ने मंत्री से कहा कि महापौर से मिलने जाने पर उनके प्रतिनिधियों द्वारा पार्षदों को ठेकेदार के सामने अपमानित किया जाता है।
विधायक शैलेंद्र जैन और निगमाध्यक्ष वृंदावन अहिरवार ने कहा शहरहित के मुद्दे को लेकर मंत्री से मिले। शहर में खेल परिसर के सामने और कटरा के चारों साइड चार सहित कुल 5 फुट ओवरब्रिज बनाने, अनुसचित जाति वर्ग के आरक्षित और बाहुल्य वार्डों के लिए 10-10 लाख रुपए की विशेष राशि देने, नगर निगम के नवनिर्मित भवन के सभागार के लिए दो करोड़ रुपए की राशि देने की मांग की है। जलभराव वाले क्षेत्रों में जल निकासी के लिए नाले-नाली का सर्वे कराकर निराकरण के लिए विशेष राशि देने की मांग की है।
डॉ. सुशील तिवारी ने बताया कि मैं सांसद प्रतिनिधि के रूप में शासन की व्यवस्था के अनुरूप ही हर बैठक में मौजूद रहता था। जहां तक पार्षदों के मिलने की बात है तो महापौर उनसे लगातार मिलती हैं। अपमानित करने जैसे सारे आरोप बेबुनियाद हैं। जो पार्षद भोपाल गए, उनमें से कई ने कॉल कर पूछा कि महापौर क्यों नहीं आईं? हमें बताया गया था कि महापौर भी आने वाली हैं। जबकि महापौर को तो ऐसी कोई सूचना थी ही नहीं। शहर विकास के मुद्दे को लेकर पार्षदों को भोपाल ले गए थे, वहां क्या हुआ, इसकी जानकारी मुझे नहीं है।