After Sagars Shahpur case, the administrative staff razed the dilapidated building with great effort.
मध्य प्रदेश के सागर जिले की शाहपुर नगर परिषद के अंतर्गत जर्जर मकान गिरने से दर्दनाक मौतें हो जाने के मामले के बाद मुख्यमंत्री द्वारा सभी जिलों में जर्जर इमारत को हटाने के आदेशित करने के बाद दमोह जिले की पथरिया की वार्ड क्रमांक के साथ में वर्षों पुराने अटे को ध्वस्त किया गया है बरसात के मौसम में जर्जर हालत में पुराने मकानों एवं इमारत को हटाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा निर्देशित किया गया है इसी को देखते हुए दमोह जिले के पथरिया वार्ड क्रमांक 7 में कई साल पुराने जर्जन भवन को नगर पंचायत और प्रशासन ने ढहा दिया। इस मकान में बीते कई सालों से मकान मालिक नहीं रहते थे। वो कहीं दूसरे शहर में जाकर रह रहे हैं। खंडहर हो चुका यह मकान बारिश के चलते कभी भी ढह सकता था, जिससे आसपास रहने वालों लोगों को जोखिम हो सकता था। हाल ही में दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्र में जर्जर हो चुके भवनो को ढहा दें,
ताकि किसी तरह की जनहानि की संभावना न रहे। इसी के तहत नगर पंचायत पथरिया ने इस भवन पर एक नोट स्टेटस पर किया था लेकिन मकान मालिक प्रेम नारायण दुबे, कालीचरण दुबे, देवकीनंदन दुबे यहां नहीं पहुंचे और सोमवार को पथरिया में यह कार्रवाई की गई। कई दशकों पुराने अटे को प्रशासनिक हमले के द्वारा करीब 4 घंटे की मेहनत के बाद हटा दिया गया वार्ड वासियों ने बताया है कि यह बिल्डिंग का पुरानी है जो करीब 3 साल पहले क्षतिग्रस्त हो चुकी थी जिसे बारिश के दिनों में ईट,पत्थर गिरते थे एवं दिन प्रतिदिन जर्जर इमारत की स्थिति खराब होती जा रही थी सबसे ज्यादा बारिश के दिनों में हादसा होने का डर बना रहता है गौरतलब यह है कि वार्ड क्रमांक 7 में बने इस इमारत के आसपास घनी बस्ती है एवं लोगों का आवागमन लगा रहता है मौजूद प्रशासनिक अम्ल द्वारा जेसीबी बुलाई गई
और उसमें लोहे का गार्टर लगाकर पहले मकान के निचले हिस्से को ढहाने का प्रयास किया गया। धीरे-धीरे भवन को ईंटे निकल गई और कुछ ही देर में पूरा भवन धराशाई हो गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि रहवासी इलाके में बने इस जर्जर भवन में बारिश के पानी से नुकसान हो सकता था और दूसरे लोगों को जोखिम हो सकता था इसी को देखते हुए प्रशासनिक टीम द्वारा कार्यवाही को अंजाम दिया गया। पथरिया तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी,नगर परिषद सीएमओ राजेश अवस्थी,सहित विद्युत विभाग राजस्व विभाग एवं नगर परिषद के हमले की मौजूदगी में सावधानीपूर्वक बरसों पुरानी बनी इमारत को ध्वस्त किया गया है एवं प्रशासनिक टीमों के द्वारा इमारत से निकले मलबे को हटाया जा रहा है।