बीमार महिला को नहीं मिली एंबुलेंस सुविधा ,जर्जर सड़क से परेशान आदिवासी
एमपी के छतरपुर जिले में एक महिला को चारपाई से अस्पताल पहुंचाना पड़ा। गांव का रास्ता इतना खबरा है कि यहां से नहीं निकल पाते। मजबूरन बीमार महिला को परिजन चारपाई के इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। मामला शुक्रवार की दोपहर का है। वहीं, शनिवार को इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। मामला जिला मुख्यालय से 85 किलोमीटर दूर बक्सवाहा के ग्राम पंचायत वीरमपुरा के गांव हिरदेपूर का है यह गांव आदिवासी बाहुल्य गांव है। यहां सड़क न होने के कारण एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती और पूरा सिस्टम चारपाई पर दिखाई देता है, फिर चाहे कोई बीमार हो जाए या प्रसव के लिए महिलाओं को अस्पताल जाना है। सबको चारपाई पर ले जाना होता है, जब जाकर कही उनको इलाज मिल पाता है। जानकारी के अनुसार जंगी बारेला उम्र 40 वर्ष निवासी हिरदेवपूर की रहने वाली है। शुक्रवार की दोपहर 1 बजे अचानक सीने में दर्द होने लगा।
पहुंच मार्ग न होने के कारण ग्रामीणों चारपाई पर लिटाया और 1 किलोमीटर तक ले गए। किराये के वाहन से दोपहर 2 बजे बकस्वाहा लेकर पहुंचे। जहां प्राथमिक उपचार किया गया, जिसके बाद डॉक्टर शिवांश असाटी ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन परिजनों और डॉक्टर की कई बार प्रयास करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिली, इसके बाद परिजनों ने फिर से किराए का वाहन किया और इलाज के लिए महिला को दमोह जिला अस्पताल ले गए। आदिवासी बाहुल्य गांव के सुविधाओं से वंचित ये आदिवासी बाहुल्य गांव है पर सुविधाओं की बात करे तो न सड़क है और न स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध है और न शिक्षा के लिए बेहतर स्कूल है। यहां के लोगों को बीमारी में समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाए कि चुनाव के समय नेताओं द्वारा सड़क मरम्मत के आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद ये आश्वासन कभी पूरे नहीं होते। गांव के राम सिंह बारेला और रंगलाल बारेला का कहना है कि उन्होंने कई बार सड़क मरम्मत के लिए आवेदन दिए हैं, लेकिन उनकी शिकायत हमेशा अनसुनी कर दी जाती हैं।
प्रताप बारेला ने बताया कि हमने कई बार एंबुलेंस को कॉल किया, हर बार जवाब मिला की एंबुलेंस को आने में दो घंटे लग जाएंगे। जब हम लोग मां को अस्पताल ले जा रहे थे तब मां के सीने में दर्द होने के कारण ऑक्सीजन की बहुत आवश्यकता थी। वहीं, राजेन्द्र बरेली ने बताया कि हमारी भाभी बीमार हुई सीने में दर्द था अटैक की शिकायत थी। गांव में सड़क न होने के कारण हम लोग भाभी को 1 किलोमीटर दूर तक खटिया पर लेकर आए। उसके बाद 108 एंबुलेंस को कॉल किया। लेकिन उन्होंने बताया कि 2 घंटा समय लगेगा किराए की गाड़ी से बक्सवाहा इलाज के लिए लेकर आए। लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें रेफर कर दिया गया वहां से भी एंबुलेंस में नहीं मिली तो किराए की गाड़ी से दमोह लेकर गए। बीएमओ सत्यम असाटी ने बताया किकल एक महिला गंभीर हालात में अस्पताल आई थी जिसेश् सीने में दर्द था। हालत गंभीर होने के कारण उनको प्राइवेट वाहन से दमोह अस्पताल रेफर किया गया है, क्योंकि पास में कोई एंबुलेंस मौजूद नहीं थी