दंडवत से इस्तीफा तक... अपनी ही सरकार में लाचार और बेबस दिख रहे बीजेपी के विधायक! छह ने उठाई आवाज


 

मध्य प्रदेश में प्रचंड बहुमत के साथ बीजेपी की सरकार बनी है। एक साल के अंदर ही मोहन सरकार अपने ही लोगों से घिर गई है। अफसरशाही के आगे बीजेपी के विधायक बेबस और लाचार नजर आ रहे हैं। कोई अधिकारियों के चैंबर में जाकर उनके सामने दंडवत हो रहा है तो कोई सुनवाई नहीं होने पर सीधे विधायकी से इस्तीफा दे दे रहा है। अपनी ही सरकार में बेबसी व्यक्त करने वाले एक दो नहीं, पूरे छह विधायक हैं।

 

 

ताजा घटना सागर जिले के केसली का है। बीजेपी विधायक ब्रजबिहारी पटेरिया अपने समर्थकों के साथ थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। वह केसली स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे। पुलिस एफआईआर नहीं कर रही थी। इस बात से नाराज होकर विधायक ने वहीं से विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा भेज दिया। हालांकि सुबह में उन्होंने वापस ले लिया है।

 

 

इसी तरह से मऊगंज के बीजेपी विधायक प्रदीप पटेल भी बेबस नजर आए हैं। क्षेत्र में बढ़ते नशाखोरी से विधायक परेशान थे। उनका आरोप था कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इसके बाद वह एएसपी के सामने दंडवत हो गए और कहने लगे कि मुझे गुंडों से मरवा दो। मैं आवाज उठा रहा हूं और आपलोग कार्रवाई नहीं कर रहे।

 

 

वहीं, प्रदेश में बढ़ रही रेप की घटनाओं को लेकर कद्दावर नेता गोपाल भार्गव भी चिंतित हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा है कि प्रदेश में रेप की घटनाएं बढ़ रही हैं और क्या हम इन परिस्थितियों में रावण दहन के अधिकारी हैं। ये वारदातें शर्मनाक हैं और हम अपनी बहन-बेटियों को सुरक्षा नहीं दे पा रहे।

 

 

अभी विजयराघवगढ़ से बीजेपी विधायक संजय पाठक के आधार कार्ड का पता बदल गया है। वह भी अपनी ही सरकार में जान को खतरा बता रहे हैं। विधायक संजय पाठक का कहना है कि कुछ लोग लगातार कटनी से लेकर भोपाल तक मेरा पीछा कर रहे हैं। इसकी शिकायत हमने डीजीपी से की थी।

 

हमेशा मुखर रहने वाले बीजेपी विधायक अजय विश्नोई ने भी सवाल उठाए हैं। सीनियर विधायक अजय विश्नोई ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि नशे का साम्राज्य प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा है। इससे लगता है कि सरकार उनके सामने दंडवत है। इसी से समझ सकते हैं कि विधायक को दंडवत होना पड़ा रहा है। ऐसे में कानून व्यवस्था की स्थिति क्या होगी।

 

 

नशाखोरी और जुआ के अड्डे से नरयावली विधायक प्रदीप लारिया भी परेशान हैं। लोगों की शिकायत के बाद वह खुद ही थाने पहुंच गए शिकायत करने। उनका कहना है कि पुलिस हमारी अनदेखी कर रही हैं।

 

गौरतलब है कि एमपी में अफसरशाही और कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर अपने ही विधायक अब खुलकर सामने आने लगे हैं। साथ ही कुछ दबी जुबान से ऐसी बातें कर रहे हैं। ऐसे में मोहन सरकार को यह बेचैन करने वाली स्थिति है। साथ ही विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर मिल गया है


By - sagarttvnews

11-Oct-2024

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