रिश्वत के बदले गाय लेकर एसडीएम दफ्तर पहुंची महिला फिर....
एमपी के टीकमगढ़ के बल्देवगढ़ एसडीएम दफ्तर में रिश्वत मांगे जाने के मामले में एसडीएम भारती मिश्रा ने बयान जारी किया है। उनका कहना है कि महिला को 1 साल पहले स्थगन आदेश दिया जा चुका है। एक ही मामले में दो बार स्टे कैसे दिया जा सकता है। रिश्वत के आरोपों पर उनका कहना है कि मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।दरअसल, गुरुवार को बल्देवगढ़ तहसील के केलपुरा गांव निवासी रामकुंअर लोधी एसडीएम दफ्तर अपनी दुधारू गाय लेकर पहुंच गई थी। महिला ने बताया था कि उसकी जमीन पर गांव के ही दबंग कब्जा कर रहे हैं। मामले की शिकायत लेकर वह थाने पहुंची थी। थाने वालों ने कहा कि एसडीएम कार्यालय से स्टे लेकर आओ। महिला ने बताया कि स्टे के लिए पिछले 8 दिन से लगातार एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगा रही है। एसडीएम दफ्तर के बाबू स्टे के लिए 50 हजार रुपए रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
इतने पैसे उसके पास नहीं हैं। इसलिए वह रिश्वत के तौर पर अपनी दुधारू गाय लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंच गई और दफ्तर के बाहर खंभे से बांध दी थी। उसने कहा कि तहसीलदार और एसडीएम को दो बार आवेदन दे चुकी है, लेकिन स्टे नहीं दिया जा रहा है। महिला जैसे ही अपनी गाय लेकर एसडीएम दफ्तर पहुंची तो कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया था। एसडीएम भारती मिश्रा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि महिला को अगस्त 2023 में स्टे दिया जा चुका है। इसलिए दोबारा स्थगन देने का सवाल ही नहीं उठता। एसडीएम ने पुराने स्थगन आदेश के आधार पर पटवारी को मौके पर भेज कर काम बंद कर दिया है। एसडीम भारती मिश्रा ने महिला की ओर से लगाए गए रिश्वत के आरोप पर कहा कि इस मामले में तहसीलदार को जांच चौकी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।