दो क्लिनिक सील, संदिग्ध सामग्री बरामद, झोलाछाप डॉक्टरों पर छापेमारी
एमपी के सागर संभाग के छतरपुर जिले के बकस्वाहा में शनिवार को तहसीलदार, थाना प्रभारी और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ छापेमारी की। इस कार्रवाई में दो क्लिनिक—खान क्लिनिक और चांदसी क्लिनिक—को सील कर दिया गया। टीम ने इन क्लिनिकों में संदिग्ध सामग्री और दवाइयां बरामद कीं। तहसीलदार भरत पांडे, बीएमओ सत्यम असाटी और थाना प्रभारी कृपाल सिंह मार्को की अगुवाई में यह कार्रवाई की गई। खान क्लिनिक और चांदसी क्लिनिक को झोलाछाप चिकित्सकों द्वारा संचालित पाया गया और दोनों को सील कर दिया गया। खान क्लिनिक में अजीबोगरीब बैनर और संदिग्ध सामग्री मिली। क्लिनिक के बाहर लगे बोर्ड पर निजामी ने खुद को "MBBS, शिशु रोग विशेषज्ञ" और उनकी पत्नी को "प्रसूति रोग चिकित्सक" बताया था।
ग्रामीणों ने बताया कि खान क्लिनिक पर संदिग्ध गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं। आरोप है कि सरकारी अस्पताल से रेफर किए गए मरीजों को भी निजामी इलाज के बहाने रोक लेते थे और गंभीर स्थिति में ही उन्हें जिला अस्पताल भेजते थे। पहले भी उन पर महिलाओं और लड़कियों के इलाज में लापरवाही के आरोप लग चुके हैं। तहसीलदार भरत पांडे ने कहा, "कलेक्टर के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। हमने दो क्लिनिकों की जांच की और अनियमितताएं पाए जाने पर उन्हें सील किया गया।" बीएमओ सत्यम असाटी ने कहा, "शिकायतों के आधार पर झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। खान क्लिनिक से बरामद दवाइयों की जांच की जा रही है, और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।" स्वास्थ्य विभाग ने बरामद दवाइयों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान को और तेज करने की योजना है। देखना होगा कि प्रशासन की इस कार्रवाई से झोलाछाप डॉक्टरों पर कितना अंकुश लग पाता है।