राइट टू रिकॉल चुनाव: नेहा जैन बनी रहीं अध्यक्ष, विधायक बृजबिहारी पटैरिया को झटका |SAGAR TV NEWS|
बीजेपी के सागर जिले की देवरी विधानसभा से विधायक बृजबिहारी पटैरिया के चक्कर में उनकी पार्टी की ही किरकिरी हो गयी। जी हां नगर पालिका अध्यक्ष के खाली कुर्सी भरी कुर्सी के चुनाव में विधायक बृजबिहारी पटैरिया के साथ साथ बीजेपी की साख दाव पर लगी थी। विधायक लम्बे समय से नेहा जैन के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोले थे। उन्हें पार्टी से निष्काषित कर दिया गया था। विधायक सागर से लेकर भोपाल तक नेहा जैन को घेरने में लगे थे। वही राइट टू रिकॉल कानून के तहत हुए चुनाव को राज्य चुनाव आयोग के पूरा करवाया इसमें चुनावी नतीजों के बाद ये तय हो गया की कुर्सी भरी रहेगी यानि नेहा जैन नगर पालिका की अध्यक्ष बनी रहेगी।
नेहा जैन की इस जीत के जश्न में विधायक के भतीजे विनीत पटेरिया सहित बड़ी संख्या में नागरिक और समर्थक मौजूद रहे। उधर जहाँ नेहा जैन के समर्थको में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी। वही दूसरी तरफ अब सबकी नजर विधायक बृजबिहारी पटैरिया के ऊपर टिकी है। इस हार के बाद उनका अगला कदम क्या होगा वही उनके भतीजे विनीत पटैरिया के समर्थक से नेहा जैन को मिली जीत के क्या मायने है इसको लेकर भी तरह तरह के कयास लगाए जा रहे है।
इधर नतीजे आने के बाद विनीत पटेरिया नेहा अलकेश जैन और उनके समर्थकों के साथ झूमते हुए नजर आए बता दें कि पिछले कुछ समय से विधायक बृज बिहारी पटेरिया और उनके भतीजे विनीत पटेरिया में चल रही पारिवारिक कलह खुलकर दिखाई दे रही है यहां तक की विधायक ने कुछ समय पहले बेटी और उनके समर्थकों से मारपीट की शिकायत भी थाने में दर्ज करवाई थी तो विनीत पटेरिया ने भी सोशल मीडिया पर चाचा के लिए उनके द्वारा किए गए कामों को रखा था और देवरी के चुनाव में जहां विधायक नगर परिषद के पार्षदों के साथ जोर लगा रहे थे तो उनके भतीजे नेहा अलकेश जैन के साथ खड़े थे यानी कि दोनों आमने-सामने थे जिसमें भतीजे ने जिसका समर्थन किया उनको जीत मिली है, विधानसभा चुनाव के दौरान भी बृज बिहारी पटेरिया ने उसे समय भी विनीत पटेरिया को मनाया था और वह आखरी के दिनों में प्रचार करने निकले थे लेकिन जीतने के बाद फिर इनके बीच तनातनी बढ़ गई थी यह नतीजा सामने आने के बाद नगर परिषद में भाजपा और विधायक दोनों की कितनी पकड़ है यह भी सामने आ गया क्योंकि 13 पार्षद और विधायक खुलकर वर्तमान अध्यक्ष का विरोध करते हुए शिकायत कर रहे थे