टायर फटने से बोलेरो और ट्रक और 8 लोगों नहीं पहुंच पाए घर फिर...देखिये
टायर फटने से बोलेरो और ट्रक और 8 लोगों नहीं पहुंच पाए घर फिर...देखिये
बेटमा में ट्रक में घुसी कार, 8 मौत टायर फटने से अनियंत्रित हुई बोलेरो
इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर बेटमा के पास बुधवार रात करीब 10:30 बजे सड़क हादसा हो गया। फोरलेन पर दौड़ रही कार खड़े ट्रक से जा टकराई। हादसे में कार सवार एक महिला सहित 8 लोगों की मौत हो गई। गुरुवार सुबह सभी शवों को जिला अस्पताल इंदौर लाया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद 4 वाहनों से सभी 8 शव गुना भेज दिए गए। पुलिस के मुताबिक, कार सवार अलीराजपुर के बोरी गांव में शादी कार्यक्रम निपटाकर लौट रहे थे। उन्हें गुना में अपने गृह ग्राम जाना था। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि बोलेरो टायर फटने से अनबैलेंस्ड होकर ट्रक में घुसी थी। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। पुलिस, प्रशासन की टीमें और एंबुलेंस बाद में पहुंचीं।
एएसपी इंदौर रूपेश द्विवेदी ने बताया कि कुल 9 लोग वाहन में थे। आठ की मौत हो गई जबकि एक घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, डीएसपी उमाकांत चौधरी ने बताया कि मृतकों में पुलिस जवान भी शामिल है। वह शिवपुरी में पदस्थ था। प्राथमिक जानकारी आई थी कि हादसे के शिकार लोग मन्नत पूरी होने के बाद पूजा कराकर लौट रहे थे। बाद में उनके शादी समारोह से लौटने की पुष्टि हुई। बुरी तरह क्षतिग्रस्त गाड़ी को छत समेत जगह-जगह से काटकर शवों को निकाला गया। सभी मृतक गुना जिले के ही हैं। एएसपी द्विवेदी के मुताबिक, राहगीरों ने क्षतिग्रस्त गाड़ी को देखा तो पुलिस को खबर दी। गाड़ी में से कुछ लोगों के कराहने की आवाज आ रही थी लेकिन जब उन्हें निकाला गया, तब तक सभी की मौत हो चुकी थी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की बात कही है। उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि जिला प्रशासन को घायल के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। हादसे में धार के बाग थाना क्षेत्र के आगर निवासी भंगुर सिंह पिता दल सिंह अलावा (60) घायल हुए हैं। उनके हाथ और सिर पर चोटें आई हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर को बताया, गुना जिले के रहने वाले पुलिस कांस्टेबल कमलेश धनसिंह का ननिहाल आलीराजपुर के जोबट के पास बोरी गांव में है। यहां कमलेश के मामा के परिवार में 13 मई को शादी थी। उसी दिन लोकसभा चुनाव के चौथे चरण का मतदान भी था। कमलेश की इलेक्शन ड्यूटी बड़वानी जिले में लगी थी।
कमलेश अपने पिता धनसिंह और ड्राइवर अंतिम के साथ बोलेरो से निकले। पिता को शादी में बोरी भेज दिया जबकि खुद ड्यूटी पर बड़वानी पहुंचे। चुनाव ड्यूटी के बाद 14 मई की शाम कमलेश शादी वाले घर गए। इसके अलावा वे बोरी में ही नुक्ता कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे। 15 मई को कमलेश अपने पिता धनसिंह, ड्राइवर अंतिम और गुना के ही रहने वाले 6 अन्य रिश्तेदारों को लेकर बोलेरो से गुना के लिए निकले थे। कमलेश मेरे भी रिश्तेदार थे। मैं किसी काम की वजह से शादी में नहीं जा पाया। अपने गांव आगर-कुक्षी में ही था। मेरी बहन गुना में रहती है। शादी से लौटते में मैं भी उनके साथ हो लिया। रात करीब 10.30 से 11 बजे के बीच धार-इंदौर जिले में घाटाबिल्लौद के टोल के पास हमारी गाड़ी पीछे से ट्रक में घुस गई। अंधेरा होने से मुझे कुछ समझ नहींं आया। मैं बोलेराे की बीच वाली सीट पर गेट के पास बैठा था। हादसे के बाद दूर फिंका गया था, इसलिए बच गया। भंगुर के बड़े बेटे भीमसिंह ने बताया, कमलेश, उनके पिता धनसिंह और ड्राइवर अंतिम गुना के लिए निकले तो 5 अन्य रिश्तेदार भी उनके साथ गाड़ी में सवार हो गए। मेरे पिता भंगुर सिंह आगर-कुक्षी से साथ हुए। वे गुना जिले के डोंगरी गांव में अपनी बहन अनबाई से मिलने जा रहे थे। रास्ते में हादसा हो गया।