सागर में NSUI ने काली पट्टी बांध किया मौन प्रदर्शन, चौराहे पर प्रतिमा लगाने की मांग sagar tv news
सागर में दानवीर डॉ. सर हरिसिंह गौर की प्रतिमा को सिविल लाइन चौराहे से हटाने के बाद शहर में विरोध के स्वर मुखर हो रहे हैं। शहरवासी लगातार प्रतिमा को चौराहे से हटाए जाने का विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को एनएसयूआई ने जिला पंचायत के सामने स्थापित की गई गौर प्रतिमा के पास काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। वह मौन धारण कर प्रतिमा के पास बैठे और अपना विरोध जताया। उन्होंने गौर प्रतिमा को वापस सिविल लाइन चौराहे पर लगाने की मांग की है। दरअसल, सागर के सिविल लाइन चौराहे पर बनी रोटरी पर डॉ. गौर की प्रतिमा स्थापित थी। जिसे स्मार्ट सिटी द्वारा चौराहे से हटा दिया गया है।
प्रतिमा को जिला पंचायत कार्यालय के सामने स्थापित किया गया है। जैसे ही लोगों को प्रतिमा हटाने की जानकारी लगी तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर सिविल लाइन स्थित चंद्रा पार्क में बैठक की। जिसमें राजनीतिक दल के पदाधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में सहमति बनी कि उनकी सिर्फ एक मांग है कि सर गौर की प्रतिमा वापस सिविल लाइन चौराहे पर ही स्थापित की जाए।
इधर, प्रशासन ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शहर के सिविल लाइन चौराहे का कायाकल्प नागरिकों की सुविधा और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा विगत वर्षों से शहर के यातायात को व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए इस चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल लगाकर नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने और नियमों के पालन जैसे रेड लाइट पर रुकने की आदत, ट्रिपल राइड न करना, हेलमेट लगाकर दोपहिया वाहन चलाना आदि की आदतों को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है।
चौराहों पर वाहन चालक के साथ ही जेब्राक्रासिंग से पैदल सड़क पार करने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सिविल लाइन चौराहे को सुव्यवस्थित बनाने के लिए आईलेंड का निर्माण किया गया है और यहां वाहनों के आवागमन को ट्रैफिक सिग्नल के माध्यम से कंट्रोल किया जा रहा है। यातायात को और सुगम बनाने के लिए यहां बनी रोटरी को हटाना आवश्यक था। सिविल लाइन चौराहे की इस रोटरी के हटने से वाहनों को अधिक जगह आवागमन के लिए उपलब्ध होगी और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा।
नागरिकों के यातायात हित को देखते हुए रोटरी में स्थापित सागर के पितृपुरुष महानदानी डॉ हरीसिंह गौर की प्रतिमा को ससम्मान विस्थापित करने का निर्णय लिया गया और स्थल का चयन स्थानीय जनप्रतिनिधियों व संगठनों की सहमति से करते हुए वाणिज्य कर चौराहे के पास प्रतिमा स्थापित की गई है। कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि डॉ. गौर की प्रतिमा के संबंध में मुझे आज ही अखबार से पता चला है।
लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि पूरे प्रदेश में जरूरत के अनुसार सड़क या चौराहों पर लगी मूर्तियां हटाकर ससम्मान अन्य स्थानों पर स्थापित की गई हैं। यदि आवश्यक होती है तो इस प्रकार की व्यवस्था होती है। जिला पंचायत के बाजू में बहुत अच्छी जगह डॉ. गौर की प्रतिमा स्थापित की गई है। इस मुद्दे को राजनीतिक नहीं बनना चाहिए।