सागर - बंजर पहाड़ी पर हजारों एकड़ में लह लहाने लगा हरा भरा जंगल
सागर में पौधारोपण को लेकर किए गए प्रयास साकार होने लगे हैं ऐसे ही शहर से लगे आमेट गांव के जंगल में देखने को मिला है जहां 6 गांव के लोगों ने मिलकर 36 साल पहले इसकी शुरुआत की थी और आज 4 हजार हेक्टेयर की बंजर पहाड़ी जंगल से हरी भरी हो गई है आज उनकी 36 सालों की मेहनत की बदौलत पूरा जंगल तैयार हो गया है, अब यहां लाखों हरे भरे पेड़ पौधे लहलहा रहे हैं,
इस जंगल के बारे में आमेट गांव के लोग बताते है कि आज से लगभग 35 साल पहले यहाँ कुछ नही बचा था लोगो को कुल्हाड़ी के बेंट तक के लिए लकड़ी नही मिलती थी यहां पर थी तो केवल वीरान ओर बंजर पहाड़ी थीं जिस पर छोटे छोटे झाड़ थे
तब इस गांव और आसपास के लोगो ने इस वीरान पहाड़ी, बंजर भूमि को सहेजने के बारे में सोचा ओर यहां वृक्षारोपण कर, छोटे छोटे झाड़ो की रखवाली करना शुरू कर दिया जिसके परिणाम उत्साह बर्धक मिलने पर हौसला बढ़ता गया
ग्रामीणों के इस कार्य में वन विभाग ने भी सहयोग कर यहां सागौन का वृक्षारोपण करवाया और वन समितियां बनाकर ग्रामीणों को ही रक्षा का भार सौंपा परिणाम स्वरूप यह इलाका सघन वन में बदल गया अब प्रशासन की योजना इस जगह को ओर हरित करने की है
दक्षिण मंडल के वन मंडलाधिकारी बताते है की यह संयुक्त वन प्रबंधन का जीता जागता उदाहरण है जिसमे प्रशासन तथा ग्रामीणों ने मिलकर एक बिगड़े वन को सघन वन में बदल दिया
उन्होंने कहा कि वन विभाग इसके विकास में ग्रामीणों के सहयोग से निरंतर लगा हुआ है
ग्रामीणों ने इस वन को लगाने से लेकर बचाने और इसे संरक्षित करने में कोई कोर कसर नही छोड़ी है वे जंगल काटने वालो से भिड़े दिन रात यहां की रखवाली की ताकि यह जंगल बचा रहे और उनकी आने वाली पीढ़ियां इस जंगल को देख सके तथा वन का महत्व समझें ग्रामीण कहते है की वनों की रक्षा करना हम सब का कर्तव्य है और हम ग्रामवासी वन विभाग के कंधे से कंधा मिलाकर इस काम मैं लगे हुए हैं