Sagar-फलों का बगीचा लगाने से होगी लपक कमाई, साल भर नोट गिनते-गिनते थक जाएंगे !
खेती को कमाई का धंधा बनाने के लिए सरकार कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहती है. ऐसे में यदि आप भी साल भर कमाई करना चाहते हैं तो बागवानी पर फोकस करना जरूरी है. आम,अमरूद और नींबू का बगीचा लगाने के लिए सरकार अनुदान दे रही है. योजना के तहत किसान को पहले साल में लागत का 60 प्रतिशत अनुदान, इसके बाद दूसरे और तीसरे साल में 20-20 प्रतिशत अनुदान मिलेगा.
दरअसल बरसात का सीजन शुरू होते ही खेती किसानी का काम बढ़ जाता है. वैसे तो खरीफ के सीजन में ज्यादातर किसान सोयाबीन,मक्का, उड़द की खेती करते हैं लेकिन जानकारों का कहना है कि खेती को कमाई का धंधा बनाने के लिए खेती के साथ बागवानी पर फोकस करना चाहिए. ऐसा करने से साल भर कमाई होती रहती है और महंगी खेती के लिए लागत मिलती रहती है. ऐसे में उद्यानिकी विभाग द्वारा बरसात का सीजन शुरू होते ही आम, अमरूद और नींबू का बगीचा लगाने के लिए अनुदान सहित तकनीकी सहायता और यहां तक की पौधे भी मुहैया कराए जाते हैं. 3 साल में बेहतर बगीचा बनकर तैयार हो जाता है और फसलों का सीजन ना होने के बावजूद किसान मोटी कमाई कर सकता है.
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारी पी डी चौबे बताते हैं कि अगर किसान अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए बागवानी करना चाहता है तो बरसात का सीजन सबसे अच्छा समय होता है, बगीचा लगाने के लिए किसान को सबसे पहले उद्यानिकी विभाग में आनलाइन पंजीयन कराना होगा. इसके बाद उसे सरकारी नर्सरी से पौधे मिलेंगे.
सरकारी योजना के तहत किसानों को न्यूनतम 0.250 हेक्टेयर और अधिकतम 2 हेक्टेयर तक बगीचा लगाने के लिए अनुदान मिलता है. अगर किसान अपने हिसाब से करना चाहता है तो वो चाहे कितना भी बड़ा बगीचा लगा सकता है लेकिन सरकारी अनुदान तय सीमा में ही मिलेगा. किसान उच्च घनत्व में पौधे लगाता है तो 555 से लेकर 11 सौ पौधे प्रत्येक हेक्टेयर में लगा सकते हैं. यदि सामान्य दूरी पर लगाना चाहता है तो आम के पौधे के बीच 30-30 फीट पौधे से पौधे की दूरी और कतार से कतार की दूरी होना चाहिए. अमरूद और नींबू के पौधे लगाना चाहते हैं, तो 6-6 मीटर की पौधे से पौधे की दूरी और कतार से कतार की दूरी होना चाहिए. सामान्य दूरी में आम के 100 पौधे और अमरूद और नींबू के 280 पौधे आते हैं.