सागर- 4 डेथ का जिम्मेदार रईसजादे को 14 दिन बाद जेल भेजा गया !
सागर के जरुआखेड़ा में चार लोगो की डेथ का जिम्मेदार आरोपी रईसजादा अमन बिड़ला आखिरकार 14 दिन बाद बुधवार को सलाखों के पीछे पहुंच गया। पुलिस ने एफएसएल से एल्कोहल की पुष्टि करने वाली ब्लड सैंपल रिपोर्ट आने के पहले ही अन्य साक्ष्यों के आधार पर धारा 304 का इजाफा कर दिया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। एक दिन पहले सर्व समाज ने ज्ञापन दिया था और प्रदर्शन की चेतावनी दी थी इसके बाद दवाव बढ़ा तो यह कार्यवाही की गई
नरयावली थाना पुलिस ने अपनी आंखों पर घटना के बाद रईसजादे के नाम की पट्टी बांध ली थी, यही कारण था कि उसे हवालात में कूलर की व्यवस्था की गई और धारा 304ए, 279 व 337 लगाकर उसे जमानत पर छोड़ दिया गया। घटना के आठ दिन बाद भी आरोपी की गाड़ी से शराब की बोतलें जब्त नहीं की गईं। इतना ही नहीं जब पुलिस ने आरोपी को छोड़ा तो इसको भी बेहद गोपनीय रखा गया। थाना प्रभारी कपिल लक्षकार घटना के बाद से लगातार यह बात कह रहे थे कि जब तक एल्कोहल रिपोर्ट नहीं आती, तब तक धाराओं का इजाफा नहीं किया जा सकेगा, लेकिन जब मामले ने तूल पकड़ा तो बिना रिपोर्ट के ही केस में धाराएं बढ़ गईं।
19 जून को बिड़ला ज्वेलर्स परिवार के रईसजादे बेटे अमन बिड़ला ने सागर-खुरई मार्ग पर कार से दो मोटर साइकिल को टक्कर मारी थी। जिसमें गोरा गांव निवासी शारदा उर्फ सीताबाई ठाकुर, उनका बेटा रामनरेश और नातिन महिमा की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि मोकलपुर निवासी झूलन विश्वकर्मा ने अस्पताल पहुंचने के पहले दम तोड़ दिया था,